राहुल गांधी का संघर्ष रंग लाया, भाजपा जाति जनगणना के लिए हुई मजबूर : विधायक चंद्रप्रकाश

– नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सडक़ से संसद तक जाति जनगणना के लिए किया संघर्ष : विधायक चंद्रप्रकाश
– हरियाणा में जल संकट गहराया, पेयजल व सिंचाई के पानी के लिए भटक रहे प्रदेशवासी : विधायक चंद्रप्रकाश
– विधायक चंद्रप्रकाश ने की मांग : प्रदेशवासियों को जल संकट से उभारने के लिए कड़े कदम उठाए भाजपा सरकार
– तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अति पिछड़ा वर्ग गजटिड क्लास के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का किया प्रावधान : विधायक चंद्रप्रकाश

हिसार : विधायक व सेवानिवृत्त आईएएस चंद्रप्रकाश ने सरकार के जातिगत जनगणना के निर्णय को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संघर्ष की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सडक़ से संसद तक जाति जनगणना की आवाज बुलंद की और भाजपा को इस मांग के सामने आखिरकार झुकना ही पड़ा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में पूरी दिलेरी से हर बार कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए हम जाति जनगणना करवाकर दिखाएंगे। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र में कांग्रेस सरकार बनते ही आरक्षण में 50 प्रतिशत की सीमा को भी हटाया जाएगा। राहुल गांधी ने जाति जनगणना के लिए सरकार से टाइमलाइन बताने की मांग भी की है।
विधायक चंद्रप्रकाश ने कहा कि वंचित, शोषित, पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित तमाम उपेक्षित वर्गों को जाति जनगणना से लाभ मिलेगा। उनकी आबादी के अनुसार योजनाएं बनाना संभव हो पाएगा। आरक्षण की रूपरेखा बनाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में जुलाई 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अति पिछड़ा वर्ग गजटिड क्लास के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। इसका लाभ अति पिछड़ा वर्ग को आज भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर विभाग में आरक्षित वर्गों के बहुत से पद खाली हैं। उन पर भी नियुक्ति नहीं की जा रही है। सरकार को पहले से आरक्षित पदों पर तुरंत प्रभाव से नियुक्ति करनी चाहिए और गजटिड क्लास में भी आरक्षण का लाभ प्रदान करना चाहिए।
आदमपुर के विधायक चंद्रप्रकाश ने हरियाणा में बढ़ते जल संकट पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के हिस्से के पानी में कटौती करके पंजाब सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया है। इस मनमानी के खिलाफ कड़ी आपत्ति दर्ज करवाने की अपेक्षा हरियाणा भाजपा सरकार चुप्पी साधे हुए है। भाखड़ा बांध से हरियाणा को रोज 9500 क्यूसेक पानी मिलता था लेकिन पंजाब सरकार ने इसे घटाकर 4000 क्यूसेक कर दिया है। ऐसा करना जनता के साथ घोर अन्याय है। इससे जहां हरियाणा में पेयजल संकट पैदा हो गया है, वहीं किसानों के लिए फसलों की सिंचाई करना दूभर हो गया है। भाजपा सरकार को राजनीतिक रोटियां सेकने की अपेक्षा जनता के हितों के लिए पानी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए और प्रदेशवासियों को जल संकट से उभारने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।

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