फीस में बढ़ोतरी कर गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है सरकार : एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल

-हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के प्रदेशाध्यक्ष लाल बहादुर खोवाल ने टीम के साथ जेजीयू में छात्रों के धरने को दिया समर्थन, छात्रों की मांगों को पूरा करने की मांग उठाई –
हिसार 6 अगस्त 2025 : हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट एवं पीसीसी डेलीगेट एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल अपनी टीम के साथ गुरु जम्भेश्वर युनिवर्सिटी में फीस वृद्धि के विरोध में दिए जा रहे छात्रों के धरने को अपना समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने छात्रों से मिलकर मुख्य मांगों व मुद्दों के बारे में चर्चा की। एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने छात्रों की सभी मांगों को जायज बताते हुए गुजवि प्रशासन और सरकार से तुरंत मांगों को पूरा करने की बात कही।
धरने को संबोधित करते हुए लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में मनमाने ढंग से फीस वृद्धि की जा रही है। प्रदेश की अन्य युनिवर्सिटी को देखते हुए गुजवि की फीस काफी अधिक है जो कि छात्रों के साथ ज्यादती है। जिस तरह से फीस में वृद्धि की जा रही है उससे यह लग रहा है कि अब उच्च शिक्षा सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर गरीब बच्चों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। सरकारी विश्वविद्यालयों में फीस कम होने की वजह से गरीब परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाते हैं लेकिन अगर सरकार इस तरह से फीस में बढ़ोतरी करती रही तो उनके लिए उच्च शिक्षा एक सपना बनकर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों के लिए सरकारी युनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूल ही उनकी शिक्षा का सहारा होते हैं लेकिन सरकार इन्हीं में अनाप शनाप फीस और अन्य खर्चे बढ़ा रही है। इससे सरकार की मंशा साफ है कि सरकार यह चाहती है कि गरीब परिवारों के बच्चे अशिक्षित रहें और वे अधिक पढ़ न सकें। संपन्न एवं बड़े परिवारों के बच्चे तो बड़ी-बड़ी व महंगी प्राइवेट युनवर्सिटीज या विदेशों में दाखिला लेकर पढ़ लेते हैं लेकिन गरीब परिवारों के बच्चे केवल सरकारी युनिवर्सिटी पर निर्भर हैं। इनमें फीस वृद्धि करके सरकार दलित, पिछड़े और मध्यम वर्ग के बच्चों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि इस प्रकार से फीस बढ़ोतरी छात्रों के साथ सरासर अन्याय है। हम छात्रों की मांग का समर्थन करते हैं। गुजवि प्रशासन बढ़ाई गई फीस को वापिस ले और भविष्य में फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के अलावा छात्रों की हॉस्टल, परीक्षा में ऑड ईवन प्रणाली को बंद करने आदि की मांगों को भी विवि प्रशासन जल्द पूरा करे।
इस मौके पर उनके साथ एडवोकेट पवन तूंदवाल एडवोकेट, बजरंग इंदल, शैलेश वर्मा, श्वेता शर्मा एडवोकेट, हिमांशु आर्य खोवाल एडवोकेट, मीना  तिजारिया एडवोकेट, कुसुम एडवोकेट, रीटा, मनीषा, संजना, तनीषा, निशा, जयप्रकाश, जितेन बजाज और छात्र नेता हरिकेश ढाँड़ा, सतपाल वर्मा व अन्य मौजूद रहे ।

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