नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाने की दिलाई शपथ व साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी
थाना कालांवाली प्रभारी ने तारूआना कालेज में 24 अगस्त को होने वाली “डबवाली यूथ मैराथन 2025” में भाग लेने बारे किया जागरूक
डबवाली पुलिस द्वारा नशे व साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम कर रही है । जिसके तहत चौक चौराहों खेल मैदानों व शिक्षण संस्थानों में जागरूकता सेमिनार कर नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाने व साइबर अपराधों के बारे में अहम जानकारी प्रदान की जा रही है । नशा तस्करी पर कड़ा प्रहार करते हुए डबवाली पुलिस की टीमें जहां लगातार मादक पदार्थों की बरामदगी कर नशा तस्करों को जेल भेज रही है वहीं मेडिकल नशे का काला कारोबार करने वालों पर भी सख्त रुख अपना रही है । इसी कड़ी में वीरवार को प्रभारी थाना कालांवाली पीएसआई सुनील कुमार ने तारु आना कॉलेज में डबवाली यूथ मैराथन 2025 के बारे में जागरूकता सेमिनार कर उपस्थित छात्र व छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों व साइबर अपराधों के बारे में सतर्क रहने व इसके साथ ही जागरूक नागरिक बन इससे बचने के बारे में जागरूक किया । जिसमें विद्यार्थियों को मैराथन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया व ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के बारे में अहम जानकारी दी ।
जागरूकता सेमिनार के दौरान थाना प्रभारी पीएसआई सुनील कुमार ने बताया कि क्षेत्र को नशा मुक्त करने के लिए डबवाली पुलिस द्वारा अतुलनीय प्रयास किए जा रहें हैं इन्हीं प्रयासों में माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में आयोजित डबवाली यूथ मैराथन 2025 एक अहम कड़ी साबित होगा । यह आयोजन युवाओं को न केवल खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा बल्कि स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए भी जागरूक करेगा। जिसमें माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। जिला प्रशासन ने मैराथन के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://rundabwali.com भी लॉन्च की है, जिसके माध्यम से इच्छुक प्रतिभागी घर बैठे नि:शुल्क ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा दिए गए स्कैनर के माध्यम से भी पंजीकरण किया जा सकता है।प्रतिभागी मैराथन में हिस्सा लेने के लिए वेबसाइट https://rundabwali.com/register/ पर जाकर आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंदीदा दौड़ श्रेणी 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, या 21.1 किलोमीटर (हाफ मैराथन) का चयन करें। इसके बाद अपना नाम, मोबाइल नंबर, आयु वर्ग और पता दर्ज कर फॉर्म सब्मिट करें। उन्होने बताया कि यूथ मैराथन तीन दूरी श्रेणियों 5 किमी, 10 किमी और 21.1 किमी में होगी। प्रतिभागी ओवरऑल कैटेगरी के अलावा अंडर 18, 18 से 45 वर्ष, 45 से 60 वर्ष और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में हिस्सा ले सकते हैं । प्रत्येक श्रेणी में पुरुष और महिला प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं । मैराथन में भाग लेकर युवा नशे के खिलाफ इस जंग में नशा मुक्त अभियान में एकजुटता दिखाएं और नशे को समाज से मिटाने में अपना पूर्ण योगदान दें ।
इस अवसर पर थाना प्रभारी ने साइबर अपराधों पर अपने विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बारे मे सचेत, अपडेट व जागरूक रहने की अपील की । उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों को रोकने में सरकार, प्रशासन ही नहीं उपभोक्ता की भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है । ऐसे हमलों को रोकने में उपभोक्ताओं की सजगता और सतर्कता की बहुत बड़ी भूमिका होती है । साइबर अटैक से बचाव के लिए आवश्यक है कि उपभोक्ता, फोरम, वेबसाइट पर अपनी संवेदनशील जानकारी ईमेल आईडी, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की डिटेल शेयर न करें । अपना पासवर्ड मजबूत रखें, कोई भी लिंक क्लिक करने से पहले देखें कि वह वेबसाईट ठीक है या नहीं । उन्होंने कहा कि सिस्टम की सुरक्षा के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करते रहें और भरोसेमंद सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें । उन्होंने बताया कि स्पैम मैसेज को खोलने से बचें और ओपन वाईफाई का इस्तेमाल न करें । साथ ही एक ही वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का प्रयोग करें । आप एक सुरक्षित नेटवर्क से जुडकर सावधानी और सजगता बरतकर साइबर हमले अथवा अपराध की गिरफ्त में आने से बच सकते हैं । इसी कड़ी में साइबर अपराधों से निपटने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नम्बर 1930 शुरू किया गया है । उन्होंने बताया कि अटैकर्स कमजोर सिस्टम पर हमला करने और उस पर नियंत्रण करने के लिए मैलिसस कोड का सहारा लेते हैं । साइबर सिक्योरिटी पर अटैक अनेक प्रकार से किए जा सकते हैं । इसके लिए मैलवेयर, फिशिंग अटैक, डिनायल ऑफ सर्विस, मेन इन द मिडल के माध्यम से किया जा सकता है । इसको सिस्टम को हैक करने, क्रिप्टो करेंसी के रूप में पैसे की मांग के लिए या फिर डार्क वेब पर डेटा बेचने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है । इस तरह के हमलों में संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण जानकारी जो उपयोगकर्ता की वेबसाइट पर उपलब्ध है, उसे बिना किसी वेबसाइट या यूजर्स के ज्ञान के हैक कर लिया जा सकता है । यदि आप इंटरनेट का उपयोग बैंकिंग से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करते हैं, तो आपको अपने डिवाइस में साइबर सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए एंटी वायरस को जरूर इंस्टॉल करना चाहिए । एक अच्छा एंटी वायरस आपको मैलवेयर और डाटा सिक्योरिटी बीच के खतरे से बचाने का काम करता है । उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि बैंक कभी भी आपसे एटीएम कार्ड नम्बर, सी.वी.वी., यू.पी.आई., ओ.टी.पी. तथा पिन आदि की मांग नहीं करता है । किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन न. 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और अपने नजदीकी थाना में साइबर हेल्प डेस्क पर अपनी शिकायत दें । डबवाली पुलिस आपकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है ।