सिरसा में प्रॉपर्टी लेन-देन के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप
पीडि़त ने पुलिस से की सुरक्षा व सख्त कार्रवाई की मांग
सिरसा। शहर निवासी पुरुषोत्तम गोयल पुत्र भगवान दास ने पुलिस अधीक्षक, सिरसा को एक विस्तृत लिखित शिकायत देकर जगत कक्कड़, उसकी पत्नी ज्योति कक्कड़ तथा उसके पिता ज्ञान चंद कक्कड़ निवासी ई-ब्लॉक सिरसा ने मीरपुर रकबे की लगभग एक एकड़/किकला भूमि के प्रॉपर्टी लेन-देन के नाम पर पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश के तहत करोड़ों रुपये की ठगी, धोखाधड़ी और अवैध कब्ज़ा करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार तथा ब्रोकर पंकज रहेजा के बयान के मुताबिक वर्ष 2025 के दौरान शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम दर्ज संपत्ति को बेचने और बदले में दूसरी जगह संपत्ति दिलाने का झांसा देकर एक तबादला सौदा किया गया। इस सौदे के तहत अलग-अलग तारीखों में भारी धनराशि वसूली गई, जिसमें यश बैंक का एक चैक भी शामिल है। आरोप है कि बाद में आरोपियों द्वारा रजिस्ट्री को जानबूझकर लगातार टालते रहे, जिससे उनकी धोखाधड़ी की मंशा स्पष्ट रूप से सामने आती है। पीडि़त का आरोप है कि जब रजिस्ट्री कराने का समय आया तो संबंधित पक्ष जानबूझकर कार्यालय में उपस्थित नहीं हुआ, जबकि उनकी हाजिरी संबंधित विभाग में दर्ज पाई गई। इसके बाद जब रजिस्ट्री करवाने की बात की गई तो शिकायतकर्ता को धमकाया गया तथा गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर दबाव बनाने का प्रयास किया और संपत्ति पर जबरन व अवैध कब्ज़ा करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। पीडि़त का कहना है कि आरोपियों द्वारा पैसे लेकर पहले कब्जा सौंपा गया और बाद में धोखे व साजिश के तहत उसी संपत्ति पर दोबारा कब्ज़ा करने का प्रयास किया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और ठगी की श्रेणी में आता है। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जांच कर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी व आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। अवैध रूप से अपने पास रखे गए यश बैंक के चेक की तत्काल रिकवरी कराई जाए। पीडि़त व उसके परिवार को जान-माल की पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। आरोपियों द्वारा संपत्ति पर किसी भी प्रकार के जबरन या अवैध कब्ज़े के प्रयास को तुरंत रोका जाए। पीडि़त ने कहा है कि उसे कानून और पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है और वह चाहता है कि मामले में बिना किसी दबाव या प्रभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।