12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने मीटिंग में बनाई रणनीति
चेतावनी, इमरजेंसी वाहनों के अलावा नहीं चलने देंगे कोई भी वाहन
सिरसा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन रजिस्टर्ड नंबर 1 संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ऑफिस बस स्टैंड में अह्म मीटिंग हुई। प्रदेश प्रवक्ता व सिरसा डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर, डिपो सचिव सतपाल सिंह रानियां, ऑडिटर रोहतास कुमार बाजेकां व कोषाध्यक्ष कीमत सिंह ढांडा संयुक्त ने बताया कि मीटिंग में बहुत ही बड़ी भूमिका निभाने वाले सयुंक्त किसान मोर्चा, सिरसा डिपो सांझा मोर्चा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ व सर्व कर्मचारी संघ जिला कमेटी ने भाग लिया। मीटिंग में फैसला हुआ कि 12 फरवरी 2026 की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बढ़ चढक़र भाग लेंगे और कोई भी वाहन नहीं चलने देंगे, चाहे रोडवेज हो, चाहे ट्रक हो, चाहे कार-जीप। सिर्फ और सिर्फ इमरजेंसी व्हीकल ही चलेंगे।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व सैकड़ों फैडरेशनों व यूनियनों ने 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने का निर्णय लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस हड़ताल को भरपूर समर्थन देने का निर्णय लिया है। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने इन मांग मुद्दों से सहमति रखते हुए रोडवेज कर्मचारियों के हित में इस आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी पद सृजन एवं कर्मचारियों को नियमित करने के संघर्ष की दिशा को न्यायोचित माना है। इसके बावजूद सरकार द्वारा सार्वजनिक विभागों को संकुचित करने व पद समाप्त करने, कर्मचारियों को कच्चा रखने, पेंशन से वंचित रखने, नियमों के अनुसार पक्की भर्ती न करने, रोडवेज का निजीकरण करने व चिकित्सा सुविधाओं में आय आधारित शर्तें लागू करने, हरियाणा का अलग से आठवां वेतन आयोग गठन करने तथा चालकों-परिचालकों व क्लर्क का वेतनमान बढ़ाने बारे संज्ञान ना लेने, कर्मचारियों के देय अर्जित अवकाश को कम करने व 10 साल का बोनस पेंडिंग रखने व रोडवेज में इलेक्ट्रिक बसों के बहाने किलोमीटर स्कीम की बसों को बढ़ाने, बार-बार कर्मचारियों से बातचीत कर सहमति देने उपरान्त मांगों को लागू न करने व कर्मचारियों के हक के 28 श्रम कानून को बदलकर मजदूर व कर्मचारी विरोधी चार लेबर कोड्स लागू करने और हिट एंड रन जैसे कड़े कानून लागू करने, रोडवेज का निजीकरण करने जैसी परिस्थितियों में व्यापक संगठित और संयुक्त आंदोलन समय की अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। उन्होंने बताया कि चार लेबर कोड्स को लागू करने का उद्देश्य मजदूरों और कर्मचारियों को गुलामी की स्थितियों में धकेलना है और उन्हें सभी वैधानिक अधिकारों जैसे न्यूनतम वेतन, काम के घंटे, सामाजिक सुरक्षा, संगठित होने का अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार, हड़ताल का अधिकार आदि से पूरी तरह वंचित करना है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा अन्य जन संगठनों, रोडवेज के सभी संगठनों से संयुक्त रूप से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील करते हुए 12 फरवरी 2026 की हड़ताल को सफल बनाने के लिए कर्मचारी संयुक्त संघर्ष की मांग कर रहे हैं तथा सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा करते हैं। इस मीटिंग में विशेष रूप से जिला प्रधान मदनलाल खोथ, जिला सचिव रमेश कुमार सैनी, कोषाध्यक्ष अशोक पटवारी, दरिया सिंह और किसान नेता सतपाल सिंह रुपावास, जम्मू सिंह, बरार साहब और सिरसा डिपो सांझा मोर्चा के सभी पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।