अखिल भारतीय सेवा संघ हर माह मौन उत्सव मनाएगी: डा. इंद्र गोयल

सिरसा। अखिल भारतीय सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. इंद्र गोयल ने चालीस दिवसीय मौन साधना संकल्प यात्रा के समापन समारोह में कहा कि संस्था हर माह मौन साधना उत्सव मनाएगी। सेवा संघ के राष्ट्रीय महासचिव विनोद धवन ने कहा कि यह एक अनोखी आध्यात्मिक पहल होगी, जिससे हर महीने मौन उत्सव के माध्यम से सदस्यों में आत्म-चिंतन और मनन को बढ़ावा देना, आंतरिक शांति और संतुलन को प्रोत्साहित करना और संगठन के सदस्यों के बीच एकता और समरसता को मजबूत करना है। राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र गर्ग ने कहा कि इससे सदस्यों के बीच मानसिक शांति और स्थिरता में वृद्धिए निर्णय लेने की क्षमता में सुधार, संगठन के सदस्यों के बीच बेहतर संचार और समझ होगी। यह पहल संगठन के सदस्यों को आध्यात्मिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगी। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रमोद सचदेवा ने कहा कि एक घंटा का मौन मुझे अपने जीवन में हमेशा याद रहेगा, क्योंकि मेरा समय सुबह 3 बजे से 4 तक का था, जोकि गहरी नींद का समय है, परंतु फिर भी मैंने 40 दिन लगातार इस समय का सदुपयोग किया और प्रयास करूंगा कि इसको आगे भी जारी रख सकूं। प्रांतीय महासचिव मुकेश वर्मा ने अपने 1 घंटा के मौन अनुभव में कहा कि जीवन में इस तरह की साधना बहुत कुछ सिखा देती है। सभी साधकों ने अपने-अपने अनुभव सांझा किए। रात को 12 बजे से 1 बजे तक मौन साधना प्रारंभ विकास थीरपाल ने की, जिन्होंने अपना अनुभव सांझा करते कहा कि यह मौन था, लेकिन भीतर बहुत कुछ बोला। यह संयम था, लेकिन उससे जन्मी एक अनंत ऊर्जा। यह साधना थी और आपने उसे साध्य बना दिया और कहा कि आपके अमूल्य योगदान, मार्गदर्शन और स्नेह के लिए धन्यवाद। फतेहाबाद से अनिल वोहरा, हिसार से प्रदीप, कालांवली से डा. राजेश दीप, नरेश गर्ग, डबवाली राजेंद्र गर्ग, रोहतक राजेश संगीता शर्मा, अशोक चाचान, अंजना गोयल, जसवीर कौर, संतोष रानी, पुनीत गोयल, चेतन मेहता, संजीव मेहता, नीनू बंसल, परविंदर ठठई, डा. राधा साहिल गोयल, साधना पंकज, वृशकांता, अशोक खेत्रपाल सभी साधकों ने अपने-अपने अनुभव सांझा किए। इस समापन समारोह के कार्यक्रम में सभी आए हुए साधकों को सम्मानित किया गया और एक लंगर भंडारा प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। सुबह तृप्ता चिटकारा ने अपने निवास स्थान पर तृप्ता वेलफेयर सोसाइटी की ओर से डा. इंदर गोयल का सम्मान किया और कहा कि इस मौन साधना संकल्प यात्रा में सबसे पहले शुरुआत 26 जून को गुरु नानक देव जयंती पर की थी और आज सफलतापूर्वक समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि मौन एक अद्भुत मार्ग है, इस पर व्यक्ति चलकर शांति का अनुभव कर सकता है। डा. इंदर गोयल ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि भविष्य में भी मौन साधना को न केवल अपने जीवन में बल्कि समाज के लिए एक नया आयाम देने का प्रयास करेंगे।

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