भगवान कभी अपने भक्त का साथ नहीं छोड़ता
सिरसा। श्री बांके बिहारी की असीम कृपा से व योगाचार्य पंडित सीताराम के आशीर्वाद से धर्मनगरी सिरसा के प्राचीन श्री बंशीवट मंदिर के प्रांगण में नानीबाई का मायरा कथा के तीसरे दिन कथा व्यास आचार्य पंडित सुगन शर्मा ने भगत नरसी के विवाह कि कथा सुनाई। भगवान द्वारा नरसी को केदार राग देने की मधुर कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि नरसी के जीवन में जब-जब विपदा आयी, केदार राग गाते ही उनकी सभी विपदाएं दूर हो गयी। नगर के लोगों द्वारा ईष्र्या वश नरसी को सेठों की हुंडी लिखवाने की दुविधा में डालने और सेठों से लिये धन चोरों द्वारा चुरा लेने पर भगवान स्वयं हुंडी लेकर पहुंचते हैं और अपने भगत के मान की रक्षा करते हैं। कथावाचक ने बताया कि भगवान कभी अपने भक्त का साथ नहीं छोड़ता, बस हमें दिल से पुकारना आना चाहिये। उन्होंने नरसी के जीवन के मधुर-मधुर प्रसंगों को गान किया। भगवान शंकर की पूजा का महत्व समझया। कथावाचक ने बहुत ही सुन्दर-सुन्दर भजनों के माध्यम से नरसी का चरित्र गान किया। उपस्थित सभी हरि भगतों ने कथा का खूब आनंद उठाया। कथा में डेरा बाबा भूमण शाह के गद्दीनसीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने उपस्थिति दर्ज करवाकर सभी को आशीर्वाद दिया। इसके अलावा पूर्व राज्यपाल उड़ीसा प्रो. गणेशीसीलाल ने परिवार सहित कथावाचक से आशीर्वाद लिया। जगदीश चोपड़ा व सिरसा शहर के श्री सालासर धाम ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी भी कथा में पहुंचे व इस पावन कथा गंगा में डूबकी लगाई। इस मौके पर प्रधान इंद्र कुमार चिड़ावेवाला, व्यापार मंडल प्रधान हीरालाल शर्मा, हरियाणा कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा, उपप्रधान सुनील कुमार गोयल, संजय कुमार तायल, रामकुमार जैन, राजेंद्र जिंदल, संजय गोयल, संदीप सोनी, दीपक शर्मा, मुनीष शर्मा, तरूण, अनिल शर्मा, राधेश्याम बांसल, दयानंद वर्मा, अश्विनी श्री राम गोटा वाले, कमल सिंगला, तरूण बगडिय़ा सहित अन्य श्रद्धालुगण उपस्थित थे।