राजकीय बहुतकनीकी और राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति के विलय को लेकर शिक्षा मंत्री से मिले राजकीय बहुतकनीकी यूनियन के प्रधान
सिरसा। राजकीय बहुतकनीकी यूनियन के प्रधान एवं सदस्यगण तकनीकी शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति और राजकीय बहुतकनीकी के विलय के सन्दर्भ में मिले। राजकीय बहुतकनीकी यूनियन के प्रधान नरसिंह परमार ने मंत्री को बताया कि राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति और राजकीय बहुतकनीकी के विलय को लेकर दोनों यूनियनों द्वारा लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। इन दोनों के विलय में जो मुख्य अड़चन राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समितियों के स्टाफ की जो प्रमोशन नियमों वा मापदंडों को ताक पर रखकर की जा रही है, उसे रोका जाये। उन्होंने मंत्री से मांग की कि प्रमोशन से पूर्व राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समितियों का राजकीय बहुतकनीकी में विलय का काम पूरा किया जाए। उन्होंने बताया की बहुतकनीकी विलय का कार्य विभाग में पिछले आठ महीनों से लंबित पड़ा है, जिस कारण से राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समितियों के स्टाफ की ट्रांसफर रुकी हुई है और जो सरप्लस स्टाफ है, वो जरूरत अनुसार अन्य कॉलेज में नहीं जा सकता है। प्रधान ने बताया कि निदेशालय में भी दो विभाग अलग-अलग कैडर के बना रखे हैं, जिसमें एक है राजकीय बहुतकनीकी कैडर और राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति कैडर, जिसके कारण अधिक स्टाफ की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि विलय होने से जहां निदेशालय में स्टाफ की कम जरूरत पड़ेगी, वहीं ऑनलाइन ट्रांसफर भी खुल जाएगी और सरप्लस स्टाफ को कहीं भी शिफ्ट किया जा सकता है। समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री ने मौके पर ही संंबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रमोशन संबंधित विसंगतियों को दूर करने उपरांत व मंत्री की अध्यक्षता में दोनों पक्षों को सुनने उपरांत ही प्रमोशन संबंधित कार्य किया जाए। पहले बहुतकनीकियों के विलय के कार्यों को गंभीरता से किया जाएगा और तब तक किसी प्रमोशन केस को नहीं किया जाएगा ।