जशनदीप बामनिया का न्यूक्लियर पावर प्लांट का मॉडल रहा प्रथम

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
सिरसा। रमन प्रभाव के जनक नोबेल पुरस्कार विजेता डा. चंद्रशेखर वेंकट रमन के विज्ञान में योगदान को याद करते हुए संगम स्कूल भरोखां में शुक्रवार को एक विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल के अनेक छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक मॉडल एवं प्रोजेक्ट तैयार करके विज्ञान के प्रति अपने रुचि को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के मुख्य अध्यापक छगन सेठी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में रुचि लेने और विज्ञान के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करना है। विज्ञान प्राध्यापिका भारती मोंगा ने बताया कि बच्चों ने चंद्रयान-3, हाइड्रोलिक क्रेन, वॉटर प्यूरीफायर सिस्टम, बजर वायर, हाइड्रोलिक कार लिफ्टर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक बैल, न्यूक्लियर पावर प्लांट, सोलर पावर इरिगेशन सिस्टम, डे एंड नाइट मॉडल, सोलर-लूनर, क्लिप्से मॉडल, वोल्केनिक इरैप्शन, वैल हैंड एक्सीलरेटर, वाटर साइकिल मॉडल, सोलर सिस्टम मॉडल, पिनहोल कैमरा, कालेडोस्कोप आदि अनेक मॉडल तैयार किये। इनमें से जशनदीप बामनिया द्वारा बनाया गया न्यूक्लियर पावर प्लांट का मॉडल प्रथम और साक्षी एवं गौरव बाबल का सोलर पावर इरिगेशन सिस्टम द्वितीय तथा प्राची मैहला का चंद्रयान-3 और प्रिंस गैदर का दिन और रात का मॉडल संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहा। विज्ञान अध्यापिका पूनम मैहता ने कहा कि इन बच्चों से इन सभी मॉडल्स के बनवाने का उद्देश्य बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना, विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और उनको विज्ञान के महत्व के बारे में बताना था। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 28 फरवरी को विज्ञान दिवस आयोजित करने का एक थीम होता है और इस वर्ष का थीम है, विज्ञान एवं नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना। कार्यक्रम के अंत में मुख्याध्यापक ने इन सभी बाल वैज्ञानिकों को पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *