गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बप्पा में आज भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के इंचार्ज नरेश कुमार ग्रोवर ने अपने विचार व्यक्त किए और विद्यार्थियों को कल्पना चावला के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य और स्टाफ सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन और श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद कल्पना चावला के जीवन परिचय पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें उनके जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, नासा में योगदान और 2003 में हुए दुखद अंतरिक्ष हादसे की जानकारी साझा की गई।
मुख्य वक्ता नरेश कुमार ग्रोवर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “कल्पना चावला ने अपने संकल्प, मेहनत और लगन से यह सिद्ध किया कि कोई भी सपना असंभव नहीं है। हमें भी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण से प्रयास करना चाहिए।”कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल जिले में हुआ था। उनके पिता श्री बनारसी लाल चावला और माता श्रीमती संज्योति चावला ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही कल्पना को उड़ान और अंतरिक्ष के प्रति गहरी रुचि थी। वे अक्सर आकाश में उड़ते विमानों को देखकर उनकी बनावट और कार्यप्रणाली के बारे में सोचती थीं।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा टैगोर बाल निकेतन स्कूल, करनाल से प्राप्त की। विज्ञान और गणित में उनकी विशेष रुचि थी, और वे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहती थीं।
इसके बाद विद्यार्थियों ने “हैप्पी बर्थडे कल्पना चावला” कहकर उन्हें याद किया और उनकी स्मृति में एक प्रतिज्ञा (शपथ) ली कि वे शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देकर देश का नाम रोशन करेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ के सभी सदस्य – दलजीत सिंह, प्रकाश सिंह, मनीष कुमार, संदीप मेहरा, रोहित, भारत भूषण, संदीप कुमार, देशराज, सुनील खुराना, प्रवीण कुमार, सुखविंदर सिंह, प्रदीप कुमार, सुरेंद्र शास्त्री, मुंशी राम, रोहतास कुमार, रचना मेहता, सरोज रानी, मीनू, सपना रानी, सुखदेव, सुरेंद्र, भूपेंद्र सिंहपायल रानी, प्रिंस छाबड़ा, विनीत बजाज आदि ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपने विचार साझा किए।
प्रधानाचार्य ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि “कल्पना चावला जैसी महान हस्तियों की जयंती हमें प्रेरित करती है कि हम अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करें।”
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।कल्पना चावला: एक प्रेरणादायक जीवन यात्रा

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