पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में मोदी सरकार की नीतियां प्रभावी नहीं रही

– जब हमारी सेना जीत रही थी, ऐसे में सीजफायर करना उचित था क्या : लाल बहादुर खोवाल
– पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार की नीतियों पर लगाया प्रश्नचिह्न : लाल बहादुर खोवाल

हिसार :  हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने पाकिस्तान के खिलाफ सेना द्वारा की गई कार्रवाई को जहां सराहनीय बताया है, वहीं मोदी सरकार की नीतियों पर असंतोष जताया है। हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा दावा करते हैं कि भारत का डंका विदेशों में बजता है। इस संदर्भ में उन्होंने विभिन्न देशों की यात्राएं तक कर दी लेकिन पाकिस्तान के साथ चार दिन तक चले युद्ध में कोई भी देश भारत के साथ खड़ा दिखाई नहीं दिया। इसके विपरीत बहुत से देशों ने युद्ध के दौरान खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया। दरअसल पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में मोदी सरकार की नीतियां प्रभावी नहीं रही।
एडवोकेट खोवाल ने कहा कि अटल सरकार में विदेश एवं वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने भी मोदी सरकार की नीतियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चार दिन के युद्ध में कोई भी देश हमारे साथ खड़ा नजर नहीं आया। इलेक्शन के समय अगली सरकार ट्रंप सरकार का नारा देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे। युद्ध के दौरान यूनाइटेड नेशन के आईएमएफ ने पाकिस्तान को एक बिलियन डॉलर दिया और भारत इसे नहीं रोक सका। ऐसे वक्त में भारत का साथ देने की जगह जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप ने आकर युद्ध विराम की घोषणा की वह आश्चर्यचकित करने वाला है। यशवंत सिन्हा ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़े हैं। यह बहुत ही गंभीर मसला है जिस पर देश को चिंतन करने की आवश्यकता है। ट्रंप ने भारत व पाकिस्तान के बीच चल रहे कश्मीर के मसले को हल करने की पुख्ता पेशकश भी कर दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि  सीजफायर के मामले में विदेश सचिव विक्रम मिश्री व उनके परिवार को सोशल मीडिया पर जिस तरह लताड़ा गया और अपशब्द लिखे गए, यह भी चिंतनीय है। ऐसा करने वालों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
एडवोकेट खोवाल ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा है कि जिस तरह से भारत के प्रधानमंत्री की आतंक को बढ़ावा देने वाले देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से बराबर तुलना की है यह बड़ा ही विचारणीय विषय है क्योंकि अब से पहले कभी ऐसा नहीं कहा गया है। भारत व पाकिस्तान को एक करके देखना दुखद है। कहां भारत और कहां पाकिस्तान दोनों को एक ही पलड़े में तोला जा रहा है। खोवाल ने कहा कि पाकिस्तान से युद्ध के मामले में मोदी सरकार की नीतियां प्रभावी नहीं रही हैं। इसका देश पर दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत की तुलना आतंकी देश पाकिस्तान से करना भी देश का अपमान है। इस संदर्भ में मोदी सरकार को प्रभावशाली कदम उठाने चाहिए।

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