भारतीय भाषा समर कैंप – पांचवां दिवस

स्थान: राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बप्पा
विद्यालय प्रांगण में भारतीय भाषा समर कैंप के अंतर्गत पांचवें दिन की गतिविधियाँ उत्साहपूर्वक संपन्न हुईं। इस अवसर पर बच्चों को कहानी लेखन की कला से अवगत कराया गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शुभकरण शर्मा जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि “कहानी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक ऐसी कला है, जो बच्चों में सृजनात्मकता, नैतिकता और चिंतन की शक्ति को विकसित करती है।” उन्होंने कहा कि नई-नई कहानियों के माध्यम से हम बच्चों का मार्गदर्शन कर सकते हैं और उनकी कल्पनाशक्ति को पंख दे सकते हैं।कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के कार्यक्रम अधिकारी नरेश कुमार ग्रोवर जी ने कहानी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “कहानियाँ न केवल संस्कार देती हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान करती हैं। एक अच्छी कहानी बच्चों के चरित्र निर्माण का आधार बन सकती है।” उन्होंने विभिन्न विषयों पर दस प्रेरक कहानियाँ सुनाकर बच्चों को प्रेरित किया और उनसे सीख लेने का संदेश दिया।बच्चों ने भी मौके पर ही स्वयं की कहानियाँ बनाईं और कहानी लेखन की कला में भागीदारी कर अपनी रचनात्मक क्षमता का विकास किया। इसके अतिरिक्त बच्चों ने लोकगीतों और प्रेरक गीतों के माध्यम से अपनी गायन प्रतिभा को भी प्रस्तुत किया।आज एकादशी के पावन अवसर पर विद्यार्थियों ने नज़दीकी गाँव में लगी छबील का आनंद लिया और डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में जाकर स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने पार्क में फैली झाड़ियों, पत्तों व कूड़े-कचरे को एकत्र कर डस्टबिन में डाला और स्वच्छता का संदेश दिया।कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने घर से लाए हुए विभिन्न व्यंजन साझा किए और स्वाद एवं खानपान की विविधता को भी अनुभव किया। साथ ही मेडिटेशन व प्रेरक गीतों के माध्यम से मानसिक शांति व आत्म-चिंतन का अभ्यास किया।
आज के आयोजन में प्रवीण कुमार, सुखविंदर सिंह, संदीप कुमार, सरोज रानी, रचना मेहता आदि अध्यापक-अध्यापिकाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
यह समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध हो रहा है।

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