पेयजल व स्वच्छता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करें पूरा: सांसद
– बैठक में 34 एजेंडों पर अधिकारियों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
पंचायत भवन में वीरवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। सिरसा लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित 34 एजेंडे रखे गए। एक-एक एजेंडे पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान अधिकारियों को विकास कार्यों को तेजी से करने के साथ-साथ उनकी निगरानी करने बारे निर्देश दिए गए।
लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिकारी विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ उनकी निगरानी भी करें, ताकि पात्र लोगों तक समय पर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही विकास कार्यों को पारदर्शिता के साथ करें और उसकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को आगामी बैठक में क्षेत्र अनुसार योजनाओं के लाभार्थियों की सूची व विकास कार्यों संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पेयजल व स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करवाएं। लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से पेयजल व स्वच्छता दोनों ही बेहद जरूरी हैं। इसलिए इस दिशा में प्रमुखता से काम किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों में उनकी ओर से कोई सहयोग की जरूरत है, तो अवगत करवाएं ताकि पत्र व्यवहार कर उसका समाधान करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग से संबंधित योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ उठा सके।
बैठक में रेलवे, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, कृषि एवं किसान कल्याण, जन स्वास्थ्य, जिला समाज कल्याण, मनरेगा, कृषि विपणन, स्वयं सहायता समूह, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा आदि विभाग से संबंधित 34 ऐजेंडे रखे गए। बैठक में विधायक ऐलनाबाद भरत सिंह बेनीवाल, विधायक कालांवाली शीशपाल केहरवाला, उपायुक्त शांतनु शर्मा, एडीसी वीरेंद्र सहरावत, एसडीएम ऐलनाबाद पारस भागोरिया, सीईओ जिला परिषद डा. सुभाष चंद्र, डीएसपी आदर्शदीप सिंह, डीएफएससी मुकेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलोड, सीएमओ डा. महेंद्र भादू, डीआईओ सिकंदर, महिला एवं बाल विकास उप निदेशक डा़ दर्शना सिंह, सुखविंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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नगराधीश यश मलिक ने समाधान शिविर में सुनी आमजन की शिकायतें
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार वीरवार को जिला व उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर का आयोजन किया गया। जिला स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में नगराधीश यश मलिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों के प्रति संबंधित विभाग जवाबदेह है और समयबद्ध ढंग से समस्या का निराकरण किया जाना चाहिए। वीरवार को स्थानीय लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में कुल 32 शिकायतें आई।
उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष जन शिकायतों के बारे में स्वयं अवगत रहें। उन्होंने यह भी कहा कि समाधान शिविर में कोई भी व्यक्ति शिकायत दे, तो उसे यह भी बताया जाए कि उसकी शिकायत किस विभाग के पास जा रही है। जब भी शिकायत आए तो संबंधित विभाग उस पर तत्काल संज्ञान लें और समस्या के निपटारे की जानकारी शिकायतकर्ता को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर की मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर पर की जाती है। इसलिए अधिकारी कार्यवाही करने में त्वरित प्रतिक्रिया दें और समाधान की दिशा में उचित कदम उठाएं। उन्होंने बताया कि जिला व उपमंडल स्तर पर सोमवार व वीरवार को सुबह दस से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसमें कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या को प्रशासन के समक्ष रख सकता है।
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मीडिएशन फॉर द नेशन अभियान शुरू – वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीष जिंदिया के मार्गदर्शन में 30 सितंबर तक लगातार जन जागरूकता अभियान ‘मीडिएशन फॉर दा नेशन’ शुरू किया गया है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रवेश सिंगला ने बताया कि मीडिएशन फॉर दा नेशन की शुरुआत प्राधिकरण द्वारा वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने बताया कि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए मीडिएशन सेंटरों तथा अन्य वैकल्पिक साधनों द्वारा लोगों तक भारतीय न्यायिक तंत्र को मजबूत करने के लिए लाभ पहुंचाना सुनिििश्चत करना है। उन्होंने बताया कि न्यायालयों में लगातार बढ़ते हुए मुकदमों के बोझ से छुटकारा दिलवाने के लिए उपरोक्त समझौते की प्रणालियां बहुत उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा मामले, चैक बाउंस मामले, प्रोपर्टी मामले, अपराधिक समझौता मामले, उपभोक्ता मामले, विभाग वसूली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, बेदखली मामले तथा अन्य उपयुक्त सिविल व आपराधिक मामलों में मामनीय अदालतें आपसी समझौतों के आधार पर बढिय़ां कार्य करके लगातार बढ़ते हुए मुकदमों के बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मीडिएशन सेंटर अपने मीडिएटर वकीलों के माध्यम से इस सेवा के लिए हर समय अपने प्रयासों के तत्पर रहते हैं। समय-समय पर प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं द्वारा गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 01666-247002 व नालसा हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क कर सकता है।