सीईटी परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे जैमर, मेटल डिटेक्टर लगाए जाने के भी निर्देश

– परीक्षा केंद्र के आसपास एकत्रित होने और गाडिय़ों की पार्किंग की होगी मनाही
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 26 और 27 जुलाई को दो सत्र में आयोजित की जा रही कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की है। सिरसा जिला में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा नोडल अधिकारी, फ्लाइंग स्क्वायड व ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की जा रही है।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि परीक्षा 26 और 27 जुलाई को दो सत्र में आयोजित की जाएगी, सुबह 10 बजे से 11.45 तथा दोपहर बाद 3.15 से पांच बजे तक परीक्षा का समय रहेगा। प्रत्येक केंद्र पर जैमर, सीसीटीवी और मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। स्टाफ को भी मोबाइल फोन के साथ अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रश्न पत्रों के सीलबंद बॉक्स परीक्षा केंद्रों तक फ्लाइंग स्क्वाड और ड्यूटी मजिस्ट्रेट्स की निगरानी में पहुंचाए जाएंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी को समन्वयक नियुक्त किया गया है जो सभी परीक्षा केंद्रों में बैठने की व्यवस्था की निगरानी करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक चार परीक्षा केंद्रों पर एक फ्लाइंग स्क्वाड काम करेगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट मशीन बंद रहेगी। परीक्षा केंद्र के आसपास एकत्रित होने और गाडिय़ों की पार्किंग की मनाही रहेगी।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पूर्व पहचान, जांच एवं सत्यापन पुलिस बल की निगरानी में होगा। बिना एडमिट कार्ड किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा।
जिला स्तर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. सुभाष चंद्र को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो ओवरऑल इंचार्ज होंगे। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर लिया गया है। परीक्षा केंद्र के एक-एक कक्ष में 24 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक कक्ष में अनिर्वाय रूप से दीवार घड़ी लगाई जाएगी। शौचालय, पीने के पानी व दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं परीक्षा केंद्रों पर होनी चाहिए।
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राज्य स्तरीय वन महोत्सव के उपलक्ष्य में क्वीज व पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन
76वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर सोमवार को खैरपुर स्थित राजकीय सीनियर सैकण्डरी स्कूल में क्वीज और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सिरसा जिले के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
जिला वन मंडल अधिकारी सतीश कुमार, वन रेंज अधिकारी हरिपाल तथा अन्य वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। क्वीज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माधोसिंघाना के कक्षा 12वीं के छात्र संजय रहे। द्वितीय स्थान पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुडियाखेड़ा की कक्षा 11वीं की छात्रा अन्नू रही, जबकि तृतीय स्थान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहपुर बेगू की कक्षा 12वीं की छात्रा रहमत को प्राप्त हुआ।
पेंटिंग प्रतियोगिता (कक्षा 6वीं से 8वीं वर्ग) में प्रथम स्थान राजकीय माध्यमिक विद्यालय रंगड़ीखेड़ा की कक्षा 8वीं की छात्रा शालिनी ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान राजकीय उच्च विद्यालय छतरियां के कक्षा 7वीं के छात्र कुनाल को मिला। तृतीय स्थान पर राजकीय माध्यमिक विद्यालय रंगड़ीखेड़ा कक्षा 8वीं की छात्रा प्रेरणा रही।
वहीं, पेंटिंग प्रतियोगिता (कक्षा 9वीं से 12वीं वर्ग) में प्रथम स्थान पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नेजाडेला की कक्षा 12वीं की छात्रा तमन्ना रहीं। द्वितीय स्थान आरोही मॉडल सीनियर सैकेण्डरी स्कूल मोहम्मदपुरिया की कक्षा 10वीं की छात्रा अन्नू को मिला। तृतीय स्थान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खैरेकां की कक्षा 9वीं की छात्रा कविता को प्राप्त हुआ।
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राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हिपा से लिया प्रशिक्षण
सिरसा, 21 जुलाई।
राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को अब शिकायतों के और त्वरित व प्रभावी समाधान की दिशा में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त शान्तनु शर्मा के मार्गदर्शन में सिरसा जिले से संबंधित राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हिसार स्थित डीटीसी कार्यालय में हिपा द्वारा आयोजित एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।
विशेषज्ञ सेवानिवृत्त आईएएस शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाना, आम जनता की शिकायतों का समय पर निवारण करना तथा प्रशासनिक जवाबदेही को सशक्त करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों को सरल पोर्टल, सेवा का अधिकार अधिनियम, सीएम विंडो, जन शिकायत निवारण प्रणाली, ऑनलाइन सेवा वितरण प्रक्रिया तथा अन्य ई-गवर्नेंस से संबंधित प्लेटफॉम्र्स की विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि इन डिजिटल माध्यमों से आम नागरिक अब विभिन्न प्रकार की सेवाओं एवं शिकायतों के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं, जिनका समाधान तय समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य है।
उन्होंने सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की समय-सीमा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी सेवा बाधित न हो और जनता को सभी सुविधाएं आसानी से मिलें।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के अंत में फीडबैक देते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण न केवल तकनीकी रूप से उपयोगी रहा, बल्कि इससे उन्हें शिकायत निवारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तरीके से समझने में मदद मिली है

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