जलभराव से बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा देकर किसानों को राहत प्रदान करे सरकार : विधायक चंद्रप्रकाश
– विधायक चंद्रप्रकाश ने विभिन्न गांवों का दौरा करके जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का लिया जायजा, उचित मुआवजे की मांग की
– विधायक चंद्रप्रकाश ने विभिन्न गांवों का किया दौरा, किसानों से मुलाकात करके प्रभावित फसलों का लिया जायजा
– जलभराव से निजात दिलाने के लिए पुख्ता प्रबंध करे सरकार, किसानों को दे उचित मुआवजा : विधायक चंद्रप्रकाश
– विधायक चंद्रप्रकाश ने जलभराव के पुख्ता प्रबंध न होने पर जताया रोष, किसानों की सुध लेने की अपील
हिसार / आदमपुर मंडी : भारी वर्षा के कारण जलभराव से खराब हुए हालात का जायजा लेने के लिए विधायक चंद्रप्रकाश ने विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने गांव पातन, टोकस, हिंदवान, चुली खुर्द, चुली बागडिय़ान, चुली कलां, लाडवी, सीसवाल व खोली सहित आदमपुर व नलवा हलके के कई गांवों में पहुंचकर किसानों से मुलाकात की और बर्बाद फसलों का अवलोकन किया। इसके साथ ही हिसार-घग्घर मल्टीपल ड्रेन व बालसमंद-सरसाना माइनर का भी मुआयना किया। उन्होंने कहा कि सरकार को जलभराव से प्रभावित फसलों की तुरंत प्रभाव से गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हुई है उनको तो मुआवजा मिले ही, इसके साथ ही जो किसान बिजाई नहीं कर पाए उन्हें भी उचित मुआवजा देकर राहत प्रदान करनी चाहिए।
विधायक चंद्रप्रकाश ने जलभराव से बिगड़े हालात पर रोष जताते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सडक़ों की दुर्दशा, टूटी गलियों व विकास कार्यों के नाम पर की गई लीपापोती से जनता परेशान है और किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। विधायक चंद्रप्रकाश ने कहा कि आदमपुर हलके बहुत से गांवों के खेतों में जलभराव से फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर तो फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। ड्रेन ओवरफ्लो होने से समस्या और भी बढ़ गई है।
विधायक चंद्रप्रकाश ने स्पष्ट किया कि सडक़ें जर्जर हो चुकी हैं और गलियों की हालत खस्ता है। भाजपा सरकार ने मानसून से पहले पुख्ता इंतजाम के बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन बारिश के बीच ये सभी दावे झूठे साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आदमपुर हलके में सडक़ों की हालत दयनीय है। विकास कार्यों के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है। इसलिए सरकार व प्रशासन को चाहिए कि वह दावे करने की अपेक्षा धरातल पर उतरकर जनता को राहत देने का कार्य करे।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है। उसे न तो असली बीज व खाद मिलते हैं और डीएपी खाद के लिए भी दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती है। बिजली की समुचित व्यवस्था न होने से भी उसे खेती में परेशानी होती है। इतनी विकट स्थिति के बीच किसानों को अब जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए किसानों के हित के लिए कार्य करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि घरों में बारिश का पानी घुसने से गरीब, मजदूर व किसानों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रतिदिन मजदूरी करके घर-परिवार चलाने वाले लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। भाजपा ऐसी स्थिति का अवलोकन करके उसका समाधान करने की अपेक्षा अब भी भाषणबाजी तक सीमित है। उन्होंने कहा कि दरअसल भाजपा केवल वोटों की राजनीति करती है। उसने झूठे व बड़े-बड़े वादे करके गरीब, मजदूर, किसान व पिछड़ा वर्ग सहित अन्य वर्गों के वोट तो हासिल कर लिए लेकिन अब उनकी सुध लेने के लिए भी तैयार नहीं है।