साल से 19 साल तक बच्चे को दी जाएगी एलबेंडाजोल गोली :उपायुक्त शांतनु शर्मा  

 राष्ट्रीय स्तर पर हर 6 महीने में 1 साल से 19 साल तक के बच्चों स्वास्थ्य को सुधारने के लिए व पेट में कीड़े मारने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाती हैं।
 इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ महेंदर भादु , उप सिविल सर्जन डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम 26 अगस्त 2025 एवं 02 सितम्बर 2025 को माप अप दिवस जिले के 1 साल से 19 साल तक के सभी बच्चों को व कार्यक्रम के अन्तर्गत 20 साल से 24 साल तक महिलाओं को आशा वर्कर-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता- व- एएनएम बहन जी (ट्रिपल-ए) द्वारा एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। व जो बच्चे व महिला इन दिनों में बच जाएंगे उन बच्चों व महिलाओं को 02 सितम्बर 2025 को मॉप-अप दिवस के दौरान यह गोलियां खिलाई जाएगी उन्होंने बताया कि सभी का स्वस्थ होना जरूरी है स्वस्थ शरीर होगा तभी बच्चों का पढ़ाई में मन लगेगा इसलिए 1 साल से 19 साल तक के सभी बच्चों को व 20 से 24 साल तक महिलाओं को यह गोली खानी आवश्यक है पेट में कीड़े होने की वजह से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास रुक जाता है।
      उप सिविल सर्जन डॉ संदीप सिंह ने मुख्य रूप बताया कि महिलाओं व बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में पेट के कीड़े मारने वाली गोली खाने के लिए प्रेरित किया जाए और कहा की बच्चों से लेकर बड़ों तक साल में दो बार एल्बेंडाजोल गोली का सेवन करना फायदेमंद साबित होता है जिससे हमारा स्वास्थ्य स्वस्थ रहता है और बच्चों को आगे बढ़ने की क्षमता मिलती है इसलिए इस गोली का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद रहेगा।
 स्वास्थ्य विभाग,महिला एवं बाल कल्याण विभाग,शिक्षा विभाग द्वारा मिलकर ही इस कार्यक्रम किया जाता है।
अपील
अभिभावकों से प्रार्थना है कि अपने बच्चों को पेट के कीड़े मारने की गोली खिलाने के लिए अपने नजदीकी आशा वर्कर एएनएम आंगनबाड़ी वर्कर को सहयोग करे, विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में अलग अलग तरह के दिशा निर्देश भी ब्लॉक स्तर पर दिए गए हैं,
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के फायदे
जैसे स्वास्थ्य और पोषण में सुधार ,रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि ,एनीमिया में नियंत्रण, समुदाय में कृमि संक्रमण की व्यापकता में कमी ,सीखने की क्षमता और कक्षा में अनुपस्थिति में सुधार, व्यस्क होने पर काम करने की क्षमता में बढ़ोतरी।
 कृमि संक्रमण के लक्षण
जैसे कि दस्त लगना ,पेट में दर्द होना ,कमजोर होना,उल्टी लगना और भूख ना लगना , पढ़ाई में मन ना लगना व खून की कमी होना व अन्य परेशानी होना,
 पेट के कीड़े मारने की एल्बेंडाजोल गोली की मात्रा 1 से 2 साल के बच्चों के लिए आधी गोली चम्मच में पीसकर दी जानी है 2 से 3 साल के बच्चों को पूरी गोली चम्मच में पीसकर दी जानी है व 3 साल से 24 साल तक के बच्चों व महिलाओं को पूरी गोली चबाकर खिलाने की हिदायत दी गई हैं। ध्यान रहे कि यह गोली खाली पेट ना खाई जाए। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र भादू सिविल सर्जन,डॉ. राजेश चौधरी उप सिविल सर्जन, डॉ. संदीप उप सिविल सर्जन, डॉ. भारत भूषण उप सिविल सर्जन, कमल कक्कड़ किशोरावस्था परामर्शदाता, रोहित कुमार एविडेंस एक्शन टीम, डॉ प्रीत कौर असिस्टेंट प्रोफेसर, रेनू बाला सुपरवाइजर, डॉ अंकुर कटारिया, मनु लाल गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, विनोद कुमार डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी, राजकुमार आर्य खंड शिक्षा अधिकारी, विजय कुमार सचदेवा खंड शिक्षा अधिकारी, कृष्ण लाल खंड शिक्षा अधिकारी, धनपत जिला युवा अधिकारी, गौरव पब्लिक हेल्थ, गुरदयाल सिंह आईटीआई सिरसा, दिनेश कुमार आईटीआई गर्ल्स विंग सिरसा, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी चिकित्सा अधिकारी व अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे

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