धुंध में होने वाले हादसे रोकना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी : कुमारी सैलजा

 

चंडीगढ़, 24 नवंबर।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तर भारत के जिन क्षेत्रों में हर वर्ष सर्दियों के दौरान घनी धुंध पड़ती है, वहां सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर, रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अमेरिका जैसी सड़कें बनाने का वादा करने वाली केंद्र सरकार से वे मांग करती है कि वह इस दिशा में तुरंत कदम उठाए और अपनी कमिटमेंट को पूरा करें, ताकि धुंध के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में प्रभावी रूप से कमी लाई जा सके।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यात्रियों के लिए शौचालय, पेयजल, पार्किंग, विश्राम स्थलों और सुरक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की बुनियादी ज़िम्मेदारी है। सरकार ने इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने का वादा किया था और इनके रखरखाव के लिए टोल टैक्स भी वसूला जा रहा है, लेकिन जमीनी हालात बिल्कुल अलग हैं। हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक हाईवे पर बने अधिकांश शौचालय गायब हैं और जो मौजूद हैं वे भी जर्जर स्थिति में हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि आम जनता के साथ सीधा अन्याय भी है। वे केंद्र और हरियाणा सरकार से मांग करती है कि पूरे देश में, विशेषकर हरियाणा में, हाईवे सुविधाओं का तुरंत व्यापक सर्वे करवा कर सभी आवश्यक सेवाओं को युद्धस्तर पर पुनर्स्थापित किया जाए। टोल वसूली का औचित्य तभी है जब जनता को उसके बदले गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलें। जनता की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए वे इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी, जब तक कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा नहीं देती।
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पिछली कई घोषणाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री हरियाणा आ रहे हैं तो यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए।
सांसद ने मांग की कि प्रधानमंत्री ऐसी सौगात दें जिस पर तुरंत और ईमानदारी से काम शुरू हो। राज्य की जनता अब उन घोषणाओं से थक चुकी है जो बाद में जुमला साबित होती रही हैं। हरियाणा को आज जरूरत है ठोस परियोजनाओं की न कि कागजों पर लिखे वादों की। कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि विकास वही माना जाएगा जो जनता की जिंदगी में दिखाई दे। सांसद ने सरकार से कहा कि जनता को भ्रमित करने के बजाय वास्तविक काम के प्रति जवाबदेही दिखाई जाए। सांसद ने आरोप लगाया कि पिछली कई घोषणाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाईं। उनके अनुसार, राज्य को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे की दिशा में वास्तविक निवेश चाहिए। अंत में उन्होंने अपील की कि प्रधानमंत्री इस बार हरियाणा को ऐसी सौगात दें जो केवल घोषणा न रहे, बल्कि वास्तविकता में बदलकर जनता का भरोसा मजबूत करे।

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