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परमात्मा ही जगत का न्यायाधीश, अधिष्ठाता: गहलोत

बोले, ईश्वर को जानने वाले रहते हैं सदा सुखी
सिरसा। महर्षि स्वामी दयानंद ने ऋग्वेद के मंत्रों की व्याख्या करते हुए बताया कि ईश्वर सब दिव्य गुण, कर्म, स्वभाव विद्या से युक्त है और उसी से पृथ्वी, सूर्य आदि लोक स्थित हैं। ईश्वर आकाश के समान व्यापक है। वह सब देवों का देव महादेव है। ये शब्द आर्यसमाज बेगू रोड स्थित सिरसा के कार्यकारी प्रधान भूपसिंह गहलोत ने साप्ताहिक हवन यज्ञ व वैदिक सत्संग के अवसर पर कहे। उन्होंने बताया कि ऋषि जी के मुताबिक उस परमेश्वर को जो मनुष्य न जानते हैं, न मानते हैं और न ही ध्यान करते हैं, वो नास्तिक मंदमति लोग दुख सागर में डूबे रहते हैं। इसलिए सर्वदा उस ईश्वर को जानकर सब मनुष्य सुखी रहते हैं। परमेश्वर देवों का देव इसलिए कहलाता है कि वह सब जगत की उत्पतिकर्ता, पालनकर्ता, न्यायाधीश व अधिष्ठाता है। इससे पूर्व हवन यज्ञ आदि भूपसिंह गहलोत के ब्रह्मत्व में किया गया। यजमान का दायित्व कौशल्या आर्या ने निभाया जबकि अध्यक्षता कुलदीप योगार्थी ने की। कृष्ण कुमार मलिक व ओमप्रकाश भजनोपदेशक ने वैदिक भजनों द्वारा सबको हर्षित किया। इस अवसर पर डॉ. राजकुमार निजात, सतपाल छापरवाल, प्रो. सुभाष वर्मा, बलराज आर्य, समाजसेवी लेखराज लूथरा, गंगाराम वर्मा, कौशल्या आर्या, महेश सिंगला, सुमित आर्य, सोमा आर्या, वंश आर्य, हरमन, हरमनदीप, गुरचरण आर्य, प्रेम आर्य, जतिन, कपीश, प्रवीण, कनन एवं दिनेश सहित अनेक आर्यजन मौजूद थे। शांतिपाठ व प्रसाद वितरण के साथ सभा का समापन किया गया।

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