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स्वस्थ एवं सकारात्मक कक्षा वातावरण विद्यार्थियों के समग्र विकास का आधार: चंद्र प्रकाश शर्मा

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन भी प्रतिभागियों की रही सक्रिय भागीदारी
सिरसा। एससीईआरटी हरियाणा के आदेशों की अनुपालना में जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), डिंग, सिरसा के प्राचार्य सुभाष फुटेला के निर्देशन तथा डाइट प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया, टीजीटी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक सतपाल सिंह एवं पीजीटी जीवविज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक चंद्र प्रकाश शर्मा की देखरेख में आयोजित पांच दिवसीय सतत व्यावसायिक विकास एवं क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न विषय विशेषज्ञों एवं व्याख्याताओं ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। डाइट प्रवक्ता डॉ. विनोद भट्टू ने बताया कि शुरूआत प्रात:कालीन सभा एवं प्रतिभागियों से प्रतिक्रिया सत्र से हुई। टीजीटी विज्ञान में डाइट प्रवक्ता संदीप कुमार तथा पीजीटी (जीवविज्ञान) में डाइट प्रवक्ता राकेश मोहन ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए पहले दिन का फीडबैक लिया। इसके बाद डाइट विषय विशेषज्ञ चंद्र प्रकाश शर्मा ने स्वास्थ्य एवं कल्याण विषय पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक कक्षा वातावरण को विद्यार्थियों के सीखने एवं समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने तथा सुरक्षित, सहयोगात्मक एवं तनावमुक्त कक्षा वातावरण विकसित करने पर जोर दिया। व्याख्याता सुरेश कुमार ने वंशावली विश्लेषण तथा नवीन सिंगला ने मेंडलवाद एवं उत्तर-मेंडलियन आनुवंशिकी पर विस्तृत जानकारी दी। व्याख्याता अमित ग्रोवर ने खिलौना आधारित शिक्षण के माध्यम से जटिल अवधारणाओं को सरल एवं रुचिकर बनाने के तरीकों को समझाया। डाइट विषय विशेषज्ञ पवन कुमार ने इक्कीसवीं सदी के कौशल पर सत्र लेते हुए रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, संचार एवं सहयोग जैसे कौशलों के विकास पर बल दिया। वहीं व्याख्याता अजयपाल सिंह एवं व्याख्याता अर्जुन सिंह ने ई-कंटेंट एवं एआई टूल्स के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।
कोट्स:
प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए विषय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श एवं अनुभव सांझा किए। कार्यक्रम में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, विषयगत दक्षता, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
-नरेश नरूला, प्रभारी, आईएफआईसी विंग, डाइट डिंग, सिरसा

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