होली महोत्सव का आरम्भ प्रमुख रूप से होलिका दहन से शुरु होती है- बजरंग गर्ग

भारतीय समाज में होली का त्योहार भाईचारा का प्रतिक है जो आपसी भेदभाव भुलाकर सभी आपस में गले मिलते है- बजरंग गर्ग

होलिका ने प्रहलाद भक्त को गोद में लेकर अग्नि में जलाकर मारने का प्रयास किया परन्तु होलिका जल गई और प्रहलाद भगवान श्री विष्णु जी की कृपया से बच गए- बजरंग गर्ग

सतयुग में इसी दिन शिव ने कामदेव को भस्म करने के बाद रति को श्री कृष्ण के यहां कामदेव के जन्म होने का वरदान दिया था- बजरंग गर्ग

होलिका दहन के बाद रंग उत्सव मनाने की परंपरा भगवान श्री कृष्ण जी के काल में आरम्भ हुई- बजरंग गर्ग

हिसार- अग्रोहा धाम में भव्य होली मिलन समारोह व पूर्णिमा पर छप्पन भोग, भण्डारा, भव्य भजन समारोह व वैश्य समाज की मीटिंग अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। इस समारोह में भक्तों ने भजनों पर फूलों की होली खेली अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने पूजा करने के उपरांत उपस्थित प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय समाज में होली का त्योहार भाईचारा का प्रतिक है जो आपसी भेदभाव भुलाकर सभी को गले मिलाता है। पुराणों में परंपरा होने कथा जिसमें होलीका दहन सबसे लोकप्रिय है। आज भी इस कथा को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में याद किया जाता है। बजरंग गर्ग ने कहा कि होली महोत्सव का आरम्भ प्रमुख रूप से होलीका दहन से शुरु होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष के अंतिम माह फाल्गुन को पूर्णीमा को होली का त्योहार मनाया जाता है। होलिका ने प्रहलाद भक्त को गोद में लेकर अग्नि में जलाकर मारने का प्रयास किया परन्तु होलिका जल गई और प्रहलाद भगवान श्री विष्णु जी की कृपया से बच गए। इस घटना की याद में होलिका दहन किया जाता है। बजरंग गर्ग ने कहा कि सतयुग में इसी दिन शिव ने कामदेव को भस्म करने के बाद रति को श्री कृष्ण के यहां कामदेव के जन्म होने का वरदान दिया था इसलिए होली को बसंत महोत्सव और काम महोत्सव भी कहते है। होलिका दहन के बाद रंग उत्सव मनाने की परंपरा भगवान श्री कृष्ण जी के काल में आरम्भ हुई जो पुरे देश में बड़ी उत्साह के साथ मनाया जाता है। होली समारोह पर हरियाणा व पंजाब कलाकारों द्वारा होली व राधा कृष्ण जी पर भजनों को सुनाकर भक्तों का मन मोह लिया।इस अवसर पर पवन गर्ग, दिनेश गर्ग, राकेश गर्ग लुधियाना, प्रदीप गोयल बेंगलोर, सुमित गर्ग उत्तर प्रदेश, रोशन लाल मित्तल राजस्थान, अनिल बंसल दिल्ली,चूड़ियां राम गोयल टोहाना, अनंत अग्रवाल बरवाला, पवन गर्ग, एनके गोयल, सत्यपाल अग्रवाल, अनिल सिंगला मंगाली वाले, आनंद गोयल, सुरेंद्र बागड़ी, आशीष सिंगला, रवि सिंगला, अशोक गुप्ता, राजेंद्र बंसल, निरंजन गोयल, सुरेश सिंगला, सुरेश कुमार, आदि प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखें।

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