स्कुल संचालकों व प्रधानाचार्यों की बैठक समस्याओं व सुझावों पर की चर्चा
। पुलिस अधीक्षक डबवाली सिद्धान्त जैन ने आमजन से आ रही शिकायतों को देखते हुए अपने कार्यालय में सभी सरकारी व निजी स्कूल संचालकों की बैठक ली । बैठक में महिला थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर कमला देवी व सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य व संचालक मौजूद रहे ।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस प्रकार की बैठक समय-समय पर होती रही हैं । हर बैठक में दिए जाने वाले सुझावों व शिकायतों पर काम करने के लिए डबवाली पुलिस पूर्ण रूप से कटिबद्ध है । पिछली बैठक में स्कुल के प्रधानाचार्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर काफी काम किया गया है । इस संबंध में स्कूल प्रबंधकों ने कहा था कि स्कूल शुरू होने व छुट्टी के समय कुछ आवारा किस्म के लड़के गेट के आगे आ कर बेवजह खड़े हो जाते थे । यह भी शिकायतें आ रही थीं कि स्कुल की छुट्टी के बाद शाम को स्कूल के स्टेडियम में आवारा किस्म के लोग नशा करते हुए पाए जाते हैं । जिस पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार थाना व चौकी प्रबंधकों ने उनके एरिया में पड़ने वाले शिक्षण संस्थानों पर उनके शुरू होने व छुट्टी होने के बाद गश्त की गई व आवारा किस्म के लोगों पर कार्यवाही की गई । जिसकी इस बैठक में स्कूल प्रबंधकों ने कहा कि अब स्थिति सामान्य है । उन्होने डबवाली पुलिस के कार्यों की प्रशंसा की व एसपी सिद्धान्त जैन का धन्यवाद किया । इस मीटिंग में पुलिस अधीक्षक ने स्कूल प्रबंधकों की समस्याओं व सुझावों पर चर्चा की व पुलिस अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा निर्देश दिए गए –
सभी स्कूलों में CCTV कैमरे लगवाए जाए तथा जिन स्कूलों में CCTV कैमरे नही लगाये उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पत्राचार किया जाए ।सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य हर रोज एक महीना सुबह कम से कम विद्यार्थियों से एक किलोमीटर दौड़ लगातार लगवाए । बुलेट पटाखा वाले मोटरसाइकिल/ट्रिपल राइडिंग करने वालो को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ना चालान करना है । टैब के बारे में जानकारी करने बारे जागरूक करना है तथा विद्यार्थियों के स्कूल में जाकर समय समय पर स्कूल बैग की तलाशी लेनी है । गांवों में जागरूकता अभियान चलाना है वा गांव के सरपंच के माध्यम से स्कूल के बाहर मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने है । जो विद्यार्थी अनुशासनहीनता करते है उनके खिलाफ लिखित में प्रबन्धक महिला थाना व प्रभारी सुरक्षा शाखा दें । स्कूलों के गेट के सामने चेतावनी बोर्ड (आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है) लगाने है । जिन स्कूलों ने चेतावनी बोर्ड नही लगाये है उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए पत्राचार करना है । स्कूलों की नियमित तौर पर चेकिंग करनी है । सभी गर्ल्स स्कूलों में जाकर महिला सुरक्षा बारे अवेयरनेस प्रोग्राम करने है ।