वर्तमान समय में चुनौति बन चुका है नशा
सिरसा। गांव पन्नीवाला मोटा के पंचायत भवन में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आयोजक मोहित ने बताया कि इस कार्यक्रम में मनोरोग विशेषज्ञ डा. तुषार गोयल ने शिरकत की आर युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करते हुए उसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। डा. तुषार ने बताया कि वर्तमान समय में मादक पदार्थों का सेवन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। युवाओं का एक बड़ा वर्ग इसकी चपेट में आ गया है। कोकीन (चरस हशीश), हेरोइन, अफीम, गांजा, मारिजुआना, शराब, व्हिस्की, रम, बियर, ब्राउन शुगर, हशीश, भांग जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करके युवा अपना जीवन खराब कर रहे हैं। डा. गोयल ने बताया कि ये पदार्थ कुछ समय के लिए नशा देते हैं, जिसमें व्यक्ति को सुखद अनुभूति होती है, लेकिन जैसे ही नशा खत्म होता है, व्यक्ति फिर से उसे लेना चाहता है। कुछ ही दिनों में उसे इन पदार्थों की लत लग जाती है। स्कूल, कॉलेजों में ड्रग्स, नशीली गोलियां चोरी छिपे सप्लाई की जा रही है, जो युवाओं के भविष्य को नष्ट कर रही है। इन मादक पदार्थों का सेवन करने के बाद जल्द ही इसकी लत लग जाती है। उसके बाद लोग चाहकर भी इसे छोड़ नहीं पाते हैं। डा. गोयल ने बताया कि बच्चे अपनी पॉकेट मनी को खर्च करके इसे लेने लग जाते हैं। जल्द ही यह सेवन करने वाले व्यक्ति को पूरी तरह से बर्बाद कर देती है। आज देश के कई राज्यों में इन मादक पदार्थों/ड्रग्स को चोरी छिपे बेचा जा रहा है। उन्होनें कहा कि पंजाब जैसे राज्यों में नशीले पदार्थों का सेवन अधिक था, लेकिन अब तो हरियाणा भी इसकी चपेट में है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे नियमित अपने बच्चों की जांच करें। अपने बच्चों को पूरा समय दें। जांच करें कि उनका बच्चा कहां जा रहा है, किस प्रकार की संगत में रह रहा है। कहीं वो नशे का शिकार तो नहीं हो गया है। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के आयोजकों ने डा. तुषार को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और जागरूकता कार्यक्रम के लिए आभार जताया।