सांसद कुमारी सैलजा बाबा साहेब की प्रतिमा पर करेंगी माल्यार्पण

सांसद कुमारी सैलजा 14 अप्रैल को सुबह 9 बजे हिसार के लघु सचिवालय में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा पर करेंगी माल्यार्पण
– एयरपोर्ट उदघाटन के सरकारी कार्यक्रम को भाजपा ने किया हाईजैक, साध रही अपने हित : एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल
– एयरपोर्ट उदघाटन के नाम पर सरकारी तंत्र को पार्टी प्रचार के लिए किया जा रहा इस्तेमाल : एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल

हिसार : हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद कुमारी सैलजा 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती पर प्रात: 9 बजे हिसार के लघु सचिवालय में स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके अपने श्रद्धासुमन अर्पित करेंगी। इसी दिन दोपहर 12 बजे डॉ. भीमराव अंबेडकर सभा द्वारा सिरसा के गांव कालांवाली में आयोजित कार्यक्रम में सांसद कुमारी सैलजा सम्मिलित होंगी। यहां कुमारी सैलजा भारत रत्न डॉ. अंबेडकर के जीवन व दर्शन पर विचार व्यक्त करेंगी।
एडवोकेट खोवाल ने कहा कि हिसार में एयरपोर्ट उदघाटन समारोह के लिए सरकारी तंत्र के दुरुपयोग पर हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट उदघाटन के सरकारी कार्यक्रम को भाजपा ने हाईजैक कर लिया है और भाजपा अपने हित साध रही है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट उदघाटन के नाम पर सरकारी तंत्र को पार्टी के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
एडवोकेट खोवाल ने कहा कि भाजपा दावा करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दुनियाभर में डंका बजता है और उनके नाम पर भीड़ अपने आप जुट जाती है। इस बात को गलत साबित करते हुए भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता घर-घर जाकर भीड़ जुटाने के लिए एयरपोर्ट उदघाटन समारोह व रैली में पहुंचने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में मोदी की छवि इतनी प्रभावशाली है तो भाजपाइयों को घर-घर जाकर गुहार लगाने की क्या आवश्यकता है। खोवाल ने कहा कि रैली में भीड़ जुटाने के लिए 1800 बसों का इस्तेमाल करने की बात सामने आ रही है। पार्टी प्रचार के लिए रोडवेज व स्कूल की बसों का इस्तेमाल वास्तव में तानाशाही से कम नहीं है। इस कार्यक्रम को लेकर भाजपाइयों की कार्यशैली देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि भाजपा का व्यक्तिगत कार्यक्रम है। ऐसा प्रतीत होता है मानो भाजपा के कार्यकर्ताओं का यह सम्मेलन हो।
खोवाल ने कहा कि भाजपा नेताओं को भीड़ जुटाने का बाकायदा टास्क दिया गया है। हर नेता के लिए ड्यूटी तय है कि उसे कितने आदमी एयरपोर्ट पर लाने हैं। तानाशाही का आलम यह है कि भाजपा के नेता भी दबाव में काम करने के लिए मजबूर हैं। यदि नेता तय किए गए लोग नहीं लाते तो फिर उन्हें पार्टी के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है।

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