तैयारियां अधूरी: सरकार अगर नहीं जागी तो लाइलाज हो जाएंगे कोरोना और कैंसर : कुमारी सैलजा

कहा-खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत के लिए पैसे की मांग कर रहे है सिविल अस्पताल

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार की लापरवाही से जनता की जान पर बनती जा रही है, कोरोना प्रदेश के कई जिलों में दस्तक दे चुका है, पर तैयारियां अधूरी है, ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़े है, अधिकतर जिलों में कोरोना के टेस्ट तक शुरू नहीं हुए है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का ‘स्वास्थ्य’ ही खराब चल रहा है ऐसे में सरकार को इसमें तत्काल सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, क्योंकि लोगों की जान माल की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती।

 

मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट अब अव्यवस्था की भेंट चढ़ रहे हैं। हिसार के अस्पताल में 1000 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट 15 महीने से खराब पड़ा है, जबकि दूसरा प्लांट तो हैंडओवर के बाद एक दिन भी नहीं चला। यह कोई साधारण तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की नीति, नीयत और निगरानी की विफलता का सजीव प्रमाण है। एक ओर सरकार कोरोना को लेकर अलर्ट जारी कर रही है, दूसरी ओर न आइसोलेशन वार्ड हैं और न ही ऑक्सीजन की व्यवस्था। विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं और सिस्टम मूकदर्शक बना बैठा है। यह विफलता केवल ऑक्सीजन व्यवस्था तक सीमित नहीं है। पूरे प्रदेश में आम बीमारियों से लेकर जानलेवा कैंसर तक के इलाज की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। खासकर सिरसा जिला कैंसर के संकट से जूझ रहा है। जिला का एक गांव तो ऐसा है जहां लगभग हर घर में कैंसर का कोई न कोई मरीज है। घग्गर नदी के प्रदूषित पानी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रखा है।

 

सांसद ने कहा है कि प्रदेश सरकार से बार-बार आग्रह के बावजूद सिरसा में कैंसर के इलाज हेतु किसी समर्पित अस्पताल या विशेष केंद्र की स्थापना नहीं की गई है। यह जनता के स्वास्थ्य के साथ एक घोर अन्याय है। सांसद ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए। अगर सरकार की अपनी व्यवस्था का स्वास्थ्य ही खराब है, तो वह प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य कैसे सुरक्षित रखेगी? सांसद ने कहा कि जिन जिलों में केस आए, वहीं विभाग अलर्ट नजर आ रहा है। बाकी जिले संदिग्ध मरीजों की टेस्टिंग से लेकर काउंटर खोलने तक के लिए कोरोना के केस और मुख्यालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। फरीदाबाद के अस्पताल में बिजली जाने पर अलग से जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। पानीपत में ऑक्सीजन प्लांट की टेस्टिंग में तकनीकी खामियां मिली। रेवाड़ी में दो ऑक्सीजन प्लांट में से एक खराब है। भिवानी में जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया था, जो खराब है। इसे ठीक करने पर करीब 9 लाख रुपए का खर्च आएगा। जींद सिविल अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट खराब है, जिसकी मरम्मत के लिए 5 लाख रुपए का बजट मांगा है। सांसद ने लोगों से अपील में कहा है कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप का ध्यान में रखते हुए पूरी सावधानी बरती जाए, मॉस्क लगाना दिनचर्या में शामिल किया जाए, हाथों की सफाई पर पूरा ध्यान रखा जाए।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *