तन-मन दोनों को कष्टों से दूर करता है योग: रघुबीर महाराज
सिरसा। प्रभु रामलाल नर सेवा नारायण सेवा योग ट्रस्ट हुड्डा सिरसा, भवन- 2266, सेक्टर-20 पार्ट-3 में मासांत सत्संग के पवित्र मौके पर योग गुरु रघुबीर महाराज ने फरमाया कि प्रभु रामलाल का योग, अद्भुत और निराला है। साधक के हर दु:ख को हरने वाला है। यह बिल्कुल सत्य है, प्रभु रामलाल का योग मनुष्य के, साधक के, तन व मन दोनों प्रकार के कष्टों को दूर करता है। तन के रोगों को दूर करने के लिये साधक को नित प्रति सुबह कुछ आसन प्राणायाम व योगिक क्रियाएं करनी चाहिए। प्रभु कृपा से उसका तन निरोग हो जायगा। मानसिक तनाव व अशान्ति को मिटाने के लिए मनुष्य को सुबह शाम 20 मिनट ध्यान में बैठना चाहिए। ध्यान तनाव का रामबाण ईलाज है। आजकल तो डॉक्टर भी योग करने को कहते हैं। योग है, जहां तन-मन का रोग नहीं रहता वहां। रघुबीर महाराज ने आगे फरमाया कि कुछ लोग ये कहते हैं कि हमें योग की कोई आवश्यकता नहीं हम तो स्वस्थ्य हैं। वास्तव में योग रोगी के लिये औषधि है और निरोगी के लिये टॉनिक। रोगी इसलिए योग करे कि निरोग रहे और निरोगी इसलिय योग करे कि वह सदा निरोग रहे। इस संबंध में विष्णु भगवान ने सत्य कहा कि भव तापेन तपता नाम योग हि परम ओषिधम: अर्थात योग तन को स्वस्थ्य व मन को निर्मल बनाता है। आओ मिल योग अपनाएं, तन-मन को निरोग बनाएं। इस मौके पर विष्णु शर्मा, केवल कृष्ण ठकराल, पृथ्वी बैनीवाल, यश चावला योगाचार्य, भारत भूषण व सुमन रतिया, खेमचन्द, अमित नरुला, श्रीकान्त, जगन मोंगा, अयान, राज चावला, सलोचना, अंकिता, विजय मेहता आदि भक्त मौजूद थे।