माता लक्ष्मी जी हिंदू धर्म में धन, सौभाग्य और समृद्धि की देवी है- बजरंग गर्ग

अग्रोहा धाम में माता लक्ष्मी जी की कथा में मुख्य अतिथि वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग थे

माता लक्ष्मी जी ने समुद्र से बाहर निकलने के बाद भगवान श्री विष्णु जी के अपने पति के रूप में चुना था- बजरंग गर्ग

हिसार- अग्रोहा धाम के विश्व प्रसिद्ध करणी कथा महंत डॉक्टर करणी प्रताप महाराज जी द्वारा माता लक्ष्मी जी की पावन कथा का शुभारंभ आज अग्रोहा धाम में किया गया। जिस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग थे। मुख्य अतिथि बजरंग गर्ग ने कथा वाचक करणी महाराज का स्वागत करते हुए कहा कि माता लक्ष्मी जी हिंदू धर्म में धन, सौभाग्य और समृद्धि की देवी है। माता लक्ष्मी जी का जन्म शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। माता लक्ष्मी जी कमल के फूल पर आसीन चार भुजाओं वाली है। कथा के अनुसार देवताओं ने अमृत की प्राप्ति के लिए तीर्थ सागर का मंथन किया तब लक्ष्मी माता जी उसे मंथन से प्रकट हुई। उस समय उन्होंने कमल के फूल पर खड़े होकर समुद्र से बाहर कदम रखा। माता लक्ष्मी जी ने समुद्र से बाहर निकलने के बाद भगवान श्री विष्णु जी को अपने पति के रूप में चुना था। अग्रोहा धाम में माता लक्ष्मी जी की विशेष पूजा व छप्पन भोग का प्रसाद लगाया जाता है। कथा वाचक महंत करणी प्रताप महाराज ने माता लक्ष्मी जी व महाराजा अग्रसेन जी के बारे में विस्तार से वितरण किया और कहां माता लक्ष्मी जी का महाराजा अग्रसेन जी के कुल पर विशेष कृपा है। महाराजा अग्रसेन जी का जन्म महाराजा श्री वल्लभ सैन जी के घर में हुआ था। अग्रोहा धाम में माता लक्ष्मी जी का शक्तिपीठ व महाराजा अग्रसेन जी का भव्य मंदिर बना हुआ है।अग्रोहा धाम में कथा करने का अलग ही महत्व है। माता लक्ष्मी जी की कथा आज से 25 तारीख तक चलेगी और 25 अगस्त को भव्य भजन समारोह व भंडारे का आयोजन होगा। इस कथा में शैलेन्द्र गुप्ता वृंदावन, चतुर्भुज गर्ग,श्रीमती विमला गुप्ता, अशोक शर्मा, गोविंद जी राजस्थान, विजय मित्तल, कोषाध्यक्ष पवन गर्ग, संदीप कुमार, फतेहबाद प्रधान सुरेंद्र मित्तल, महिला प्रधान नेहा मित्तल, राजकुमार गुप्ता दिल्ली आदि ने कथा में भाग लिया।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *