हलाद भगत को दिये वचनों अनुसार चारों युगों में 33 करोड़ जीवों का उद्धार हुआ: संत संदीप

सिरसा। बिश्नोई सभा, सिरसा के 51वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में निज श्री गुरु जम्भेश्वर मन्दिर, सिरसा में चल रही पांचवीं दिन की हरिकथा में कथा वाचक जाम्भाणी प्रचारक, विष्णु उपासी श्रद्धेय संत संदीप ने बताया कि विष्णु भगवान ने सतयुग में प्रहलाद भगत को वचन दिया था कि उनके जो 33 करोड़ अनुयायी है, उनका मैं चारों युगों में उद्धार करूंगा, फलस्वरूप 5 करोड़ भगत प्रहलाद के साथ, 7 करोड़ सत्य वादी राजा हरिश्चन्द्र के साथ, 9 करोड़ द्वापर में राजा युधिष्ठर के साथ तथा कलयुग 12 करोड़ जीवों के उद्धार के लिये स्वयं विष्णु को गुरु जाम्भोजी को इस धरा धाम पर आना पड़ा। उन्होंने 29 नियमों की आचार संहिता देकर बिश्नोई पंथ की स्थापना की व जीवों ने जुगति व मुवां ने मुक्ति का सिद्धान्त दिया। यह पंथ सभी मनुष्य-मात्र के लिये था तथा आज भी लोग बड़ी श्रद्धा से नियमों पर चलते हुए अपना जीवन यापन करते हैं। जरव दया पालणी व रूख लीलो नहीं घावे, इन दो नियमों के कारण आज बिश्नोई समाज का नाम पूरे विश्व में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। कथा में श्रद्धेय संत संदीप के साथ रॉकी गुज्जर व संगति मण्डली व स्वामी इन्द्रनाथ महाराज, मुकाम भी साथ रहे। सभा प्रधान खेम चन्द बैनीवाल, उपप्रधान कृष्ण बैनीवाल, सचिव ओपी बिश्नोई, कोषाध्यक्ष राजकुमार बैनीवाल, सहसचिव भूप सिंह कस्वां, जगत पात कड़वासरा के अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्य, सेवक दल सदस्य व आसपास के गांवों से आये बड़ी संख्या में
पुरुष व बच्चे उपस्थित थे। सभा प्रचार सचिव डा. मनीराम सहारण ने मंच व्यवस्था को संभाला। छठे दिन की कथा उपरान्त रात्रि 8 बजे विशाल जागरण होगा व 13 सितम्बर के मुख्य कार्यक्रम में प्रात: हवन-यज्ञ पाहल पश्चात समारोह में मुख्य अतिथि देवेन्द्र भादू एसएसपी कोटपुतली होंगे, जबकि कृपाशंकर बिश्नोई, अर्जुन अवार्डी कुश्ती, सुधीर गोदारा नीमड़ी व डा. एमएस भादू, सिविल सर्जन सिरसा विशिष्ट अतिथि होंगे। प्रतिभावान विद्यार्थियों के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले महानुभावों को सम्मानित किया जायेगा।

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