यातायात सुरक्षा से होता है जोखिम कम: प्रगट सिंह
सिरसा। सीएमआरजे राजकीय महाविद्यालय ऐलनाबाद में प्राचार्य डा. सज्जन कुमार की अध्यक्षता व रोड सेफ्टी क्लब के इंचार्ज डा. जोगिन्द्र सिंह, सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी इंचार्ज प्रो. कुलजीत कौर, एंटी ड्रग इंचार्ज प्रो. राजेश व एनएसएस प्रभारी प्रो. राजवीर सिंह के सामूहिक संयोजन में सडक़ सुरक्षा, नशा मुक्ति, साइबर फ्रॉड आदि विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ऐलनाबाद थाना प्रभारी प्रगट सिंह, यातायात प्रभारी सुभाष उप निरीक्षक मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। प्राचार्य डा. सज्जन कुमार ने सबसे पहले बुक्कों के साथ उनका स्वागत किया। इस कार्यक्रम में प्रगट सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यातायात सुरक्षा का अर्थ है सडक़ों पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए नियमों और सावधानियों का पालन करना, जिसमें सीट बेल्ट या हेलमेट पहनना, गति सीमा का पालन करना और शराब पीकर गाड़ी न चलाना शामिल है। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सभी यात्रियों और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित आवागमन हो। उन्होंने नशा मुक्ति पर आह्वान किया कि तस्कर की सूचना देने वाले का नाम पता गुप्त रखा जाएगा तथा साइबर अपराध वह अपराध है, जिसमें इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल फोन या किसी डिजिटल प्रणाली का प्रयोग करके अपराध को अंजाम दिया जाता है। इसलिए किसी भी अनजान फोटो या लिंक को डाउनलोड या ओपन ना करें। उन्होंने सभी को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और मुसीबत के समय में एक सौ बारह सहित अपना मोबाइल नंबर भी सांझा किया। महाविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि यातायात प्रभारी सुभाष चंद्र ने ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी और बच्चों से संवाद रचाते हुए उनके स्वालों का निवारण भी किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम थाना प्रभारी बिना वर्दी साधारण कपड़ों में पहुंचे, ताकि बच्चों से आमजन की तरह संवाद स्थापित किया जा सके। उनकी इस पहल से विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। इसके बाद एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे प्राचार्य तथा थाना प्रभारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। छात्र रूद्रप्रताप ने अपने विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन प्रो. सावन ने किया। इस मौके पर ऐलनाबाद थाना प्रभारी प्रगट सिंह, सुभाष चंद्र उपनिरीक्षक, प्रदीप कुमार सहायक उप निरीक्षक, विक्की, भोलाराम, गुरबचन, प्रभुदयाल, ओमप्रकाश के साथ रोड सेफ्टी कमेटी सदस्य डा. कविता चौधरी सहित सभी शैक्षणिक व ग़ैर शैक्षणिक स्टाफ सदस्यों ने अपनी भूमिका निभाई तथा बच्चों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।