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20 से 28 दिसम्बर तक मनोरंजन के सार्वजनिक कार्यक्रमों से करें परहेज: चोपड़ा

सिरसा। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय परिषद के सदस्य जगदीश चोपड़ा ने समस्त समाज से अपील की है कि गुरुपुत्रों के सम्मान में 20 दिसम्बर से 28 दिसम्बर तक हर्ष, उल्लास व मनोरंजन के सार्वजनिक समारोह आयोजन से परहेज करें। चोपड़ा ने स्मरण कराया कि 20 दिसम्बर से 28 दिसम्बर के बीच गुरु गोबिन्द सिंह महाराज के चारों साहिबजादों सहित परिवार देश व धर्म के लिए बलिदान हो गया था। 20 दिसम्बर को गुरु गोबिन्द सिंह जी ने अपनी पवित्र कर्मभूमि अपने परिवार सहित, श्री आनन्दपुर साहिब को हमेशा के लिए 21 दिसम्बर को प्राकृतिक प्रलय के कारण समस्त को त्याग दिया था। गुरु परिवार एक-दूसरे से बिछुड़ गया था। 22 को श्री चमकौर साहिब के प्रलयकारी भयंकर युद्ध में बाबा अजीत सिंह व बाबा जुझार सिंह ने अपने जीवन का बलिदान देकर हमें जीवन प्रदान किया था। 23 दिसम्बर को गुरुगोबिन्द सिंह जी के समस्त साथी शहादत का जाम पी कर सदा-सदा के लिए अमर हो गए। 24 दिसम्बर को पंथ की महान् माता बीबी शरण कौर का अद्वितीय त्याग इतिहास बन गया। 25 दिसम्बर को जालिम वजीर खान के समक्ष गुरुपुत्रों बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह ने सिंहगर्जना करते हुए इस्लाम धर्म स्वीकार करने से मना कर दिया। 26 दिसम्बर को इस्लाम धर्म स्वीकार ना करने पर छोटे साहिबजादों 8 वर्ष के बाबा फतेहसिंह एवं 1 वर्ष के बाबा जोरावर सिंह को सरहिंद में जिन्दा दीवार में चुनवा दिया। तदुपरांत इसी दिन गुरुमाता माता गुजरी जी भी ज्योति ज्योत समा गई। 27 दिसम्बर को जगत के सब से बड़े दानी दीवान टोडरमल ने दुनिया की सबसे कीमती व महंगी जमीन खरीद कर गुरुपुत्र छोटे साहिबजादों का अन्तिम संस्कार किया। अत: 20 दिसम्बर से 28 दिसम्बर तक हम सभी भारतवासियों का परम कर्तव्य बनता है कि सरबंसदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी एवं अमरत्व को प्राप्त उन के समूचे परिवार के प्रति श्रद्धा व सम्मान व्यक्त करें। चोपड़ा ने समस्त देशवासियों से पुरजोर अपील की कि सरबंसदानी गुरु परिवार के महान उपकार के दृष्टिगत समयावधि में सार्वजनिक मनोरंजन के कार्यक्रमों से परहेज करें।

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