केंद्र व प्रदेश सरकार की गलत नीतियों से लगातार व्यापार व उद्योग पिछड़ता जा रहा है- बजरंग गर्ग

यमुनानगर- व्यापारी प्रतिनिधियों की मीटिंग हरियाणा प्रदेश में पर मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। इस मीटिंग में प्रदेश में व्यापार व उद्योगों को बढ़ावा देने पर विचार किया गया। व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की गलत नीतियों से लगातार व्यापार व उद्योग पिछड़ता जा रहा है जबकि यमुनानगर जिला प्लाईवुड का हब है, इसी प्रकार पानीपत टेक्सटाइल व बहादुरगढ़ फुटवियर का हब है। उद्योगों के कारण लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है सरकार को प्लाईवुड, टेक्सटाइल व फुटवियर उद्योगों की तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सरकार को प्रदेश में उद्योगों के बिजली के बिलों में 50 प्रतिशत सब्सिडी देनी चाहिए। सरकार ने बिजली के बिलों में फिक्स चार्ज 165 रुपए से बढ़कर 290 रुपए करने से उद्योगपतियों में नाराजगी है जबकि सरकार को बिजली बिलों में फिक्स चार्ज को पूरी तरह खत्म करना चाहिए। व्यापारी, उद्योगपति व आम जनता जितनी भी बिजली यूज़ करें उसका बिल उसी हिसाब से चार्ज करना चाहिए, फिक्स चार्ज लगाना सरासर गलत है। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार को प्रदेश में व्यापार व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा सुविधा देनी चाहिए। हर राज्य की तरक्की व्यापार व उद्योग पर निर्भर करती है, जिस राज्य में व्यापार व उद्योग बढ़ता है वह राज्य हमेशा तरक्की करता है। कोई भी सरकार अपने दम पर बेरोजगारी खत्म नहीं कर सकती है। व्यापार व उद्योग के माध्यम से प्रदेश में 80 प्रतिशत बेरोजगारों को रोजगार मिलता है। यहां तक की यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश अन्य राज्यों के लाखों लोग भी उद्योगों के माध्यम से रोजगार मिला हुआ है। सरकार को गांव स्तर पर छोटे व मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज देने की जरूरत है ताकि गांव स्तर पर उद्योगों के माध्यम से माता, बहनें व युवाओं को रोजगार मिल सकें। वह पहले की तरह छोटा-मोटा उद्योग इकाई लगाकर बेरोजगारी खत्म करने में अपना योगदान दे सकें। इस अवसर पर व्यापार मंडल प्रदेश उप प्रधान केवल कृष्ण खरबंदा, प्रदेश महासचिव कैलाश गोयल लाडवा, जिला प्रधान अनिल भाटिया, प्रदेश सचिव मुकेश गोयल, सुरेश आनंद, प्रदेश सह सचिव हरविंदर सिंह भाटिया, प्रदेश

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