19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की चिंता पूरे देश के युवाओं की चिंता : कुमारी सैलजा

 

चंडीगढ़, 17 जुलाई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि पिछले 19 दिनों से सोनम वांगचुक का अनशन केवल एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों छात्रों और युवाओं की उस पीड़ा का प्रतीक है जो लगातार पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की खामियों और जवाबदेही के अभाव के कारण अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी होता है और सरकार का दायित्व है कि वह निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।

कुमारी सैलजा ने कहा कि जब परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, पेपर लीक जैसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब सबसे अधिक नुकसान मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है।  कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी लगातार छात्रों के अधिकारों की आवाज बुलंद कर रहे हैं तथा इस पूरे मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी पिछले डेढ़ महीने से छात्रों और युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

कुमारी सैलजा ने सोनम वांगचुक से उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों की चिंता है तथा कांग्रेस पार्टी उनके भविष्य की रक्षा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करती रहेगी।

सिरसा की उपजाऊ भूमि को बंजर होने से बचाने के लिए सरकार तत्काल कार्रवाई करे : कुमारी सैलजाकुमारी सैलजा ने सिरसा जिले के अनेक गांवों में ट्यूबवेलों के पानी में सोडियम (काला शोरा) की अधिक मात्रा मिलने और मिट्टी की गुणवत्ता लगातार गिरने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जिले की हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि बंजर होने का खतरा पैदा हो सकता है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार केवल जांच रिपोर्ट मांगने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित गांवों का विशेष वैज्ञानिक सर्वे कराए, किसानों को निःशुल्क मिट्टी एवं पानी की जांच उपलब्ध कराए, भूजल सुधार की योजना लागू करे तथा जिप्सम एवं अन्य मृदा सुधार सामग्री पर विशेष अनुदान दे। कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों की जमीन और आजीविका बचाने के लिए सरकार को तत्काल ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

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