|

ग्रुप-डी कर्मचारी विद्यालय व्यवस्था की रीढ़, प्रशिक्षण का ज्ञान व्यवहार में उतारें: डा. मनोज पुरी

डाइट डिंग में चल रहे ग्रुप-डी कर्मचारियों हेतु पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन
सिरसा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), हरियाणा के आदेशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा एवं डाइट प्राचार्य सुभाष फुटेला के निर्देशन तथा डाइट प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया एवं आईएफआईसी विंग प्रभारी एवं विषय विशेषज्ञ नरेश नरूला के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), डिंग में सिरसा जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में कार्यरत ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन दिवस की शुरूआत विषय विशेषज्ञ राकेश मोहन ने प्रतिभागियों से चौथे दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम का फीडबैक प्राप्त करते हुए समापन दिवस की रूपरेखा से अवगत करवाया। इसके उपरांत डा. राजेश खुराना ने कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पॉश) विषय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण, कर्मचारियों के अधिकार एवं कर्तव्यों तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद डा. दलीप सिंह गोदारा ने टीमवर्क एवं सहयोग विषय पर व्याख्यान देते हुए आपसी समन्वय, सहयोग की भावना तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के महत्व पर बल दिया। तत्पश्चात डा. अनिल चावला ने आपदा प्रबंधन विषय पर प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए डाइट ईटी विंग प्रभारी डा. मनोज पुरी ने कहा कि ग्रुप-डी कर्मचारी विद्यालय व्यवस्था की रीढ़ है और विद्यालय की स्वच्छता, सुरक्षा, अनुशासन तथा सुचारु संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को अपने-अपने विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करें। अंत में प्रतिभागियों से संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का फीडबैक प्राप्त किया गया तथा प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन करने के उद्देश्य से उनका पोस्ट टेस्ट आयोजित किया गया।
कोट्स:
-पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सेवा नियम, अनुशासन, टीमवर्क, पॉश अधिनियम, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता एवं सुरक्षा सहित विभिन्न व्यवहारिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। आशा व्यक्त की गई कि प्रतिभागी प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यस्थल पर अपनाकर विद्यालयों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
-डा. राजेश खुराना, विषय विशेषज्ञ कॉमर्स आईएफआईसी विंग, डाइट डिंग, सिरसा।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *