भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हनुमान वर्मा ने आज कांग्रेस पार्टी की कुटिल और राष्ट्र के हितों के खिलाफ नीतियों को उजागर करते हुए उनकी दोहरी मानसिकता और भारतीय सेना के प्रति अपमानजनक रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास देश के वीर सैनिकों की शहादत को राजनीतिक लाभ के लिए भुनाने और राष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंचाने का रहा है, जो देश के हितों के खिलाफ है ।
वर्मा ने कहा, “कांग्रेस की दोहरी नीति स्पष्ट है। एक ओर यह पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सेना की ऐतिहासिक उपलब्धियों, जैसे सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक, को नकारती है और कहती है कि ‘मोदी ने कुछ नहीं किया, सब सेना ने किया।’ लेकिन 1971 के युद्ध में वही कांग्रेस बेशर्मी से दावा करती है कि ‘इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए।’ यह दोहरापन सेना के बलिदान का अपमान और देश की एकता के साथ विश्वासघात है।”उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा, “1971 का युद्ध भारतीय सेना के साहस और कुर्बानी का प्रतीक है। लेकिन कांग्रेस ने उस जीत को केवल अपने नेतृत्व का तमगा बनाकर सेना के पराक्रम को कमतर करने की कोशिश की। आज जब हमारी सेना ने विश्व में भारत का मान बढ़ाया, तो कांग्रेस को यह क्यों नहीं पचता? क्या कांग्रेस की नजर में सेना का सम्मान तभी है, जब वह उनके सत्ता के एजेंडे को बढ़ावा दे?
वर्मा ने कांग्रेस की देशविरोधी मानसिकता को उजागर करते हुए कहा, “कांग्रेस ने बार-बार सेना को राजनीति का मोहरा बनाया। कारगिल युद्ध में उनकी निष्क्रियता और आतंकवाद के प्रति ढुलमुल रवैया इसका सबूत है। जब हमारे जवान सीमा पर शहीद हो रहे हैं, तब कांग्रेस के नेताओं के विवादास्पद बयान देश के मनोबल को तोड़ते हैं। यह देश के हितों के खिलाफ है । जिसे भारत की जनता भलि भांति जान गई है ।
उन्होंने भावुक अपील की, “कांग्रेस का यह रवैया उन माताओं के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिन्होंने अपने बेटों को भारत माता की रक्षा के लिए खोया। यह उन शहीदों का अपमान है, जिन्होंने अपने प्राण न्योछावर किए।
वर्मा ने देशवासियों से आह्वान किया, “कांग्रेस की इस विभाजनकारी और अपमानजनक राजनीति को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। हमारी सेना का हर बलिदान हमारा गौरव है। आइए, हम एकजुट होकर कांग्रेस की इस नीच साजिश को नाकाम करें और देश की एकता व सेना के सम्मान की रक्षा करें।