किसानों पर किया गया अत्याचार निंदनीय
सिरसा। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा राज्य कमेटी रात्रि को नूंह के रोजका मेव में किसानों के धरने पर प्रशासन द्वारा दबिश देते हुए हिंसा करने, दो बुजुर्गों को गिरफ्तार करने और आंदोलन को कुचलने जैसे हथकंडे अपनाने की कड़े शब्दों में निंदा करती है। प्रशासन किसानों की जायज मांगों का समाधान करने की बजाय तानाशाही के जिन हथकंडों का प्रयोग कर रहा है, उसमें वह कामयाब नहीं हो सकेगा। राज्य कार्यालय से प्रेस बयान जारी करते हुए किसान सभा राज्य प्रधान गुरभजन सिंह सन्धु और महासचिव डा. सुखदेव सिंह जम्मू ने कहा कि 2010 में आईएमटी रोजका मेव में 9 गावों की 1600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जिसका आज तक भी किसानों को उतना मुआवजा नहीं मिला, जितने का विश्वास दिलवाया गया था। अतिरिक्त मुआवजे की मांग को लेकर वहां के स्थानीय किसान एक साल से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन किसानों के मुद्दों को हल नहीं कर रहे। बीती शाम को सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन द्वारा धरने पर पहुंच किसानों के साथ बल प्रयोग किया गया, जिसमें एक युवा को चोटें आई। रात को स्थानीय किसान नेताओं के घरों पर दबिश कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, यह सरासर सरकार और प्रशासन की तानाशाही को दिखाता है। किसानों से औने पौने दामों पर जमीन अधिग्रहण कर बड़ी बड़ी कंपनियों को करोड़ों के भाव वही जमीनें बेची जा रही हैं। किसानों की जमीनें छीने जाने से वो बर्बादी की कगार पर हैं। ऊपर से संघर्ष कर रहे किसानों की जायज आवाज को दबाने के लिए पुलिस दमन पर उतारू है और किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। यह दमनकारी आचरण 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा चंडीगढ़ में पीडि़त परिवारों को दिये गए आश्वासन से मेल नहीं खाता। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा सरकार और प्रशासन के इन ओछे हथकंडों की कड़े शब्दों में निंदा करती है और गिरफ्तार किसानों को रिहाई की मांग करते हुए उनके मुद्दों का समाधान करने की मांग करती है।