डबवाली पुलिस की नई पहल

उप पुलिस अधीक्षक कालांवाली सन्दीप धनखड़ HPS ने नशा मुक्त समाज, सुखी समाज का संदेश देकर किया नशा पीड़ितों का मार्गदर्शन

डबवाली पुलिस द्वारा गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में आयोजित योग शिविर में नशा पीड़ितों ने भाग लेकर जाने योग के लाभ व नशे के दुष्परिणाम

 डबवाली पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ जमीनी तौर पर कार्य कर रही है । वो चाहे नशा तस्करों को जेल भेजना हो या नशा पीड़ितों का इलाज करवाकर उन्हें बुरी आदतों से दूर कर साफ सुथरी जिंदगी जीने के लिए नई राह दिखाना हो । डबवाली पुलिस के नशा मुक्त समाज सुखी समाज अभियान के तहत दिनांक 21.05.2025  को गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में सभी थाना चौकियों व क्राइम यूनिट के द्वारा नशा पीड़ितों को योग शिविर में बुलाया गया । जिसमें नशा पीड़ितों ने पुरी लगन के साथ भाग लेकर योग की जीवन में महत्ता व नशे के नुकसान के बारे में जाना । इस मौके पर उप पुलिस अधीक्षक कालांवाली संदीप धनखड़ ने नशा पीड़ितों को नशा मुक्त व एक स्वस्थ जीवन के लिए योग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला ।

            डीएसपी संदीप धनखड़ ने योग के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि दैनिक जीवन में योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह तनाव कम करने, लचीलापन बढ़ाने, और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने में सहायक है. योग को नियमित रूप से करके, हम अपने जीवन में संतुलन और शांति ला सकते हैं । योग अभ्यास से शरीर की मांसपेशियों और जोड़ों की गतिशीलता बढ़ती है, जिससे लचीलापन और ताकत में वृद्धि होती है । योग तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है । योग अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे विभिन्न बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है  । योग से रक्त संचार में सुधार होता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है । योग आसन शरीर की मुद्रा को सुधारने में मदद करते हैं, जिससे पीठ दर्द और अन्य दर्द से राहत मिलती है । योग मन को शांत करता है और तनाव को कम करता है, जिससे मानसिक शांति और खुशी मिलती है । योग हमें सकारात्मक सोचने में मदद करता है, जिससे हम जीवन के प्रति अधिक आशावादी और खुशहाल होते हैं । योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करके, हम न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि आध्यात्मिक विकास और समग्र कल्याण की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं । एक तनावयुक्त जीवन ही नशे को बुलावा देता है, अपने मन को दैनिक गतिविधियों के साथ योग में लगाकर तनाव मुक्त होकर नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है ।

            नशे के ऊपर कड़ा प्रहार करते हुए उप पुलिस अधीक्षक ने बताया कि समाज का हर एक नागरिक नशे के खिलाफ अपनी जिम्मेदारी समझेगा तभी हमारा समाज नशा मुक्त होगा । गलत संगत में पड़ जाने की वजह से कुछ नवयुवक कम उम्र में ही नशे के शिकार हो जाते हैं और शराब या धूम्रपान करना शुरू कर देते हैं और धीरे-धीरे यह उनकी आदत में शुमार हो जाता है । इसके पश्चात आगे चलते-चलते नशे की मात्रा बढ़ने लगती है और वह कई बार और भी गंभीर मादक पदार्थ जैसे गांजा अफीम चरस जैसे नशीले पदार्थों का शिकार हो जाता है । नशे के कारण बहुत सी समस्याएं पैदा होती हैं जिसमें सबसे पहले है स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं जिसमें व्यक्ति अंदर से खोखला होने लगता है और व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने लगती है परंतु वह नशे की आदत के कारण इस लत को छोड़ नहीं पाता । उन्होंने बताया कि उक्त समस्याओं से बचने का एक ही उपाय है कि आप नशे से दूर रहें तथा जिस व्यक्ति को नशे की लत लग चुकी है वह योग व्यायाम करें और अपने मन को इतना मजबूत बनाएं कि वह अपने आप को नशे से दूर रख सके । उन्होने कहा कि अगर उनके क्षेत्र में कोई नशा तस्करी, नशा बेचने संबंध में कार्य करता है तो पुलिस को सूचना भी दे । सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी ।

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